हाल ही में दुबई के 7 स्टार होटल बुर्ज अल अरब में 14 जुलाई को होम्योपैथ चिकित्सा जगत का महाकुंभ का आयोजन हुआ। इस आयोजन को बर्नेट होम्योपैथी प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से कराया गया था। जिसमें होम्योपैथी चिकित्सा से जुड़े दुनियाभर के एक्सपर्ट्स ने भाग लिया था। इस विश्व स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन-2 में भारत के कई राज्यों के अलावा 25 से ज्यादा देशों से आए होम्योपैथ चिकित्सकों को सम्मानित किया गया।
कई भारतीय नामचीन लोग पहुंचे
इस समिट में भारत के नामचीन युवा कवि कुमार विश्वास, फिल्मी जगत के स्टार अनुपम खेर, खेल जगत के नामचीन हस्तियों में पूर्व क्रिकेटर क्रिस गेल, सनथ जयसूर्या, ब्रेट ली और जोंटी रोड्स भी मौजूद रहे। साथ ही केंद्रीय मंत्री ललन सिंह उर्फ़ राजीव रंजन सिंह ने भी नीतीश दुबे की अगुआई में हो रहे विश्व की सबसे बड़ी होम्योपैथ समिट की सफल समापन की बधाई देते हुए कहा कि भारत में होम्योपैथ के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए मैं शुभकामनाएं देता हूं और मेरा आशीर्वाद सदैव आपके साथ है।
बर्नेट होम्योपैथी प्राइवेट लिमिटेड की नींव डॉ. नीतीश चंद्र दुबे ने रखी
बर्नेट होम्योपैथी प्राइवेट लिमिटेड की नींव बिहार के मुंगेर जिले के कल्याणपुर गांव के रहने वाले डॉ. नीतीश चंद्र दुबे की तरफ से रखी गयी थी। होम्योपैथी चिकित्सक के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले डॉ. नीतीश ने बर्नेट होम्योपैथी प्राइवेट लिमिटेड को खड़ा किया है।
होम्योपैथी भारत का अध्यात्म और जर्मनी का विज्ञान है
आपको बता दें डॉ. नीतीश दुबे का कहना है कि होम्योपैथी भारत का अध्यात्म और जर्मनी का विज्ञान है। उनका मानना है कि भारत होम्योपैथी में विश्वगुरु बनने जा रहा है। बर्नेट होम्योपैथी प्राइवेट लिमिटेड होम्योपैथिक क्लीनिकों की सबसे बड़ी श्रृंखला है। वहीँ डॉ. नीतीश ने 2000 में अपने पहले पूर्ण होम्योपैथिक क्लिनिक की शुरुआत की थी। अब ऐसे में उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि होम्योपैथी की इस महत्वपूर्ण विधा को वैश्विक मंच पर सही पहचान मिले।
होम्योपैथी के भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण
इस सफल आयोजन के बाद यह समिट होम्योपैथी को एक नई दिशा की ओर लेकर आया है। वहीँ अब ये आने वाले वर्षों में इस तरह के और भी आयोजनों को करता रहेगा। इस समिट के समापन के बाद वहा मौजूद सभी लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए होम्योपैथी के भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को भी अपनाया है।
