रेडिएशन हार्ट डिजीज वह समस्या है जो उन लोगों में उत्पन्न हो सकती है जिन्हें कैंसर के इलाज के दौरान रेडिएशन थैरेपी या रेडिएशन इलाज दी जाती है। इस प्रकार की थैरेपी में हाई एनर्जी के रेडिएशन का उपयोग किया जाता है जो कैंसर को नष्ट करने में मदद कर सकता है, लेकिन यह उपकरण पर्याप्त ध्यान न देने पर दिल के समस्याओं का कारण बन सकता है। वहीं रेडिएशन के साइड इफेक्ट्स अक्सर बारह महीने या वर्षों बाद दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में चलिए इसके बारे में जानते हैं।
रेडिएशन हार्ट डिजीज के कारण
रेडिएशन के प्रकार
रेडिएशन थैरेपी में उपयोग की जाने वाली रेडिएशन के प्रकार जैसे कि यौं रेडिएशन, ब्राडीथेरेपी, और एल्फा-ब्राडी रेडिएशन के अलग-अलग प्रकार होते हैं। यह सभी दिल के विभिन्न हिस्सों को प्रभावित कर सकते हैं और रेडिएशन हार्ट डिजीज के लिए जोखिम बढ़ा सकते हैं।
हार्ट अटैक
जब रेडिएशन थैरेपी लंबी अवधि तक या बहुत अधिक मात्रा में दी जाती है, तो उसका दिल पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। यह निर्भर करता है कि कितनी अधिक रेडिएशन दी गई है और कैंसर के विशेष स्थान पर यह लागू किया गया है। वहीं इससे हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ जाता है।
रेडिएशन हार्ट डिजीज के लक्षण
दिल में दर्द होना
सांस लेने में कठिनाई
हृदय की एक्टिविटी में रुकावट
हार्ट बीट का असामान्य तरीके से धड़कना
फेफड़ों की हेल्थ पर प्रभाव पड़ना
कमजोरी महसूस करना
रेडिएशन हार्ट डिजीज से बचाव के टिप्स
दवाओं का उपयोग जो हृदय की स्थिति को सुधार सकती हैं
रोजमर्रा की जीवनशैली में परिवर्तन
हेल्दी डाइट लेना
जरूरत पड़ने पर सर्जरी करवाना
आवश्यकता के अनुसार ऑपरेशन
आखिर क्यों रहता है इसका खतरा
रेडिएशन हार्ट डिजीज का खतरा उन लोगों में बढ़ता है जिन्हें कैंसर के इलाज के लिए लंबी अवधि तक या अत्यधिक रेडिएशन थैरेपी दी गई हो। यह रेडिएशन दिल की धमनियों और धमनी के आसपास के अन्य भागों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, जिससे हार्ट और उससे जुड़े अन्य अंग प्रभावित हो सकते हैं।
