डॉक्टर्स, जो जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे मरीजों का न सिर्फ इलाज करते हैं, बल्कि उन्हें एक नया जीवन भी देते हैं। इसलिए उन्हें धरती पर भगवान का रूप कहा जाता है। डॉक्टरों के समर्पण और ईमानदारी के प्रति सम्मान जाहिर करने के लिए हर साल 1 जुलाई को National Doctor’s Day मनाया जाता है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर क्यों हर साल 1 जुलाई को भारत में इसे मनाया जाता है। क्या है इसके पीछे की वजह। वहीँ इस डॉक्टर्स डे हमने जालंधर के नामी-गिरामी डॉक्टर्स से उनके विचार जानें, कि काहिर उनके लिए डॉक्टर्स डे का क्या महत्त्व है, वे कैसे इस दिन को देखते हैं।
सबसे पहले बता दें देश के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ बिधान चंद्र रॉय को श्रद्धांजलि और सम्मान देने के लिए उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर इसे मनाया जाता है। उनका जन्म 1 जुलाई 1882 में बिहार के पटना जिले में हुआ था। वहीँ भारत में डॉक्टर्स डे की शुरुआत 1991 में तत्कालिक सरकार द्वारा की गई थी। तब से हर साल 1 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है।
डॉक्टर्स ने क्या कहा, आईये जानते हैं
Dr. Amit Singhal


जालंधर के PMG अस्पताल के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. अमित सिंघल ने इस मौके पर अपने दिल की बात शेयर करते हुए कहा कि डॉक्टर बनना अपने आप में एक प्राउड का विषय है। उन्होंने अपनी बात में आगे कहा कि मेरे घर में कोई भी डॉक्टर नहीं था, लेकिन मेरी बचपन से इच्छा थी मैं डॉक्टर बनूं क्योंकि मैंने देखा कि समाज में इतने लोग बिमारियों से ग्रस्त हैं। साथ ही उन्हें प्रॉपर इलाज न मिलने से वे परेशान होते हैं और कई मरीजों की तो जान तक चली जाती है।

उन्होंने बताया कि डॉक्टर बनकर न सिर्फ मैं अपना जीवन अच्छे से चला सकता हूँ बल्कि समाज की सेवा भी कर सकता हूँ। ये एक ऐसा नोबल व्यवसाय है जिसमे हम गरीब से गरीब परिवार की हेल्प कर सकते हैं। वहीँ हम नई तकनीक के मध्यम से मरीजों का इलाज करने में भी सक्षम हैं। जिसका लाभ हरेक मरीज को मिला ही चाहिए। उन्होंने ये भी कहा मेडिकल और डॉक्टर को लेकर कई तरह के गलत और दुष्प्रचार हो रहे हैं। कई लोग गलत काम करते हैं। लेकिन सभी डॉक्टर गलत या ख़राब नहीं होते हैं। उन्होंने लोगों के लिए कहा कि हमें डॉक्टर पर विश्वास रख कर ही अपना इलाज करवाना चाहिए।

Dr. Arun walia (chest specialist)
जालंधर के इनोसेंट हार्ट अस्पताल के चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ. अरुण वालिया ने कहा कि ये दिन उनके लिए बेहद ही खास है क्योंकि हर डॉक्टर बहुत ही लगन से अपने हर पेशेंट का इलाज करते हैं। साथ ही उनकी बीमारी से जुडी हर बात को समझने की कोशिश भी करते हैं।

डॉ. वालिया ने कहा कि मेरे लिए भी इसकी एहमियत ये है कि मैं अपने हर पेशेंट का सही इलाज करूं, उन्हें इलाज के दौरान मैं एक कम्फर्ट जोन दे पाऊं। साथ ही मैं पेशेंट की बीमारी को जानकर उनका इलाज कर पाऊं। अगर उनकी बीमारी ठीक होने वाली है तो मैं उन्हें ये अच्छे से बता पाऊं कि वे जल्दी ही अपनी बीमारी से निजात पा सकते हैं।


Dr. Chander bowry(cardiologist)
जालंधर के इनोसेंट हार्ट अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. चंदर बोहरी ने कहा कि मेरे लिए इस दिन की एहमियत ये है कि जब भी कोई इंसान बीमार होता है तो उसके मन में दो ही ख्याल आते हैं। एक भगवान का और दूसरा डॉक्टर का। उन्होंने कहा कि पेशेंट का इलाज करने के लिए कुछ चीजें डॉक्टर को ठीक करनी होती हैं। वहीँ उन्होंने ये भी कहा कि जब हम मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर बनने के लिए जाते हैं तो देखते हैं कि वहां मरीज दर्द से तड़प रहा है तो हमारे दिल में दी भी एक दर्द महसूस होता है।

उस समय यही ख्याल आता है कि हमें इस मरीज का बेहतर इलाज करके इसे ठीक करना है। डॉक्टर्स डे के मौके पर उन्होंने कहा कि मैं यही चाहूंगा कि हर इंसान बीमारी मुक्त रहे। इसके लिए हर इंसान को अपनी जीवनशैली में काफी सारे बदलाव करने की जरूरत है। इसमें सबसे पहले तो हर इंसान को अपने डेली रूटीन में एक्सरसाइज को अपनाना चाहिए, फिर चाहे वो 10 मिनट की ही क्यों न हो। इसके अलावा बाहर के खाने से भी परहेज करना चाहिए।

वहीं अपने बढ़ते वजन को भी कण्ट्रोल में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग मोटापे का शिकार है जिसके कारण उन्हें हार्ट से जुडी प्रोब्लेम्स हो रही हैं। इतना ही नहीं स्मोकिंग और ड्रिंकिंग भी सभी के जीवन का हिस्सा बनता जा रहा है। इसे भी दूर करने की जरूरत है। उन्होंने ये भी कहा कि हर एक मरीज को अपनी बीमारी को समझने की जरूरत है कि आखिर ये बीमारी होने के पीछे कारण क्या है।

Dr. Deepak chawla
जालंधर के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट और चावला अस्पताल के डॉ. दीपक चावला ne डॉक्टर्स डे के मौके पर कहा कि सभी डॉक्टर्स अपनी पूरी लाइफ एक ही चीज के ऊपर काम कर रहे हैं और वो है पेशेंट वेलफेयर। उन्होंने डॉ. बीसी रॉय का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने भी अपनी सारी जिंदगी लोगों की हेल्थ के लिए काम किया, कि कैसे उनकी हेल्थ को ठीक रखा जाये।

उन्होंने इस बार की थीम पर जोर देते हुए कहा कि हमें पेशेंट के दर्द को समझ कर ही उनका इलाज करना चाहिए। उनके मताबिक ये दिन बहुत ही खास है क्योंकि डॉक्टर्स अपनी पूरी निष्ठां और सेवाभाव से पेशेंट का इलाज कर अच्छी जिंदगी देते हैं।

Dr. Tarunveer singh
जालंधर के डॉ. कुमार एस-थेटिक्स स्किन एंड डेंटल क्लिनिक के स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. तरुणवीर सिंह ने कहा कि ज्यादातर लोग अपनी बॉडी की हेल्थ की तरफ ध्यान देते हैं। वे भूल जाते हैं कि स्किन भी उनकी बॉडी का एक एक पार्ट है, जिसका ध्यान रखना भी हमारी ही जिम्मेदारी है।

अगर हम अपनी बॉडी के साथ साथ स्किन का भी ध्यान रखते हैं तो हमारी लाइफ और भी खूबसूरत हो जाती है। उन्होंने कहा कि इस दिन को और भी खास बनाने के लिए लोग अपने स्किन में हो रही परेशानी के लिए स्पेशलिस्ट को मिलें और स्किन से जुडी किसी भी प्रॉब्लम को ignore न करें। इसे भी उतनी ही एहमियत दें जितनी आप अन्य बॉडी ऑर्गन को देते हैं।

Dr. Ranju takkar
जालंधर की होमोपैथिक डॉक्टर रंजू Thakkar ने इस दिन को खास बताते हुए कहा कि आज के लाइफस्टाइल को देखते हुए डॉक्टर हम सबकी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकें हैं। जिसे देखो किसी न किसी तरह की कोई बीमारी लगी ही हुई है। इसलिए उनके बिना आज की लाइफ को सोचना गलत नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि जितना ज्यादा एक्सपोज़र है, उतनी ज्यादा प्रोब्लेम्स और उन्हीं प्रोब्लेम्स को ठीक करने के लिए हमें बार बार डॉक्टर के पास जाना पड़ता है। डॉक्टर के बिना लाइफ पटरी पर नहीं आ सकती, इसकी मुख्य वजह होने वाले हेल्थ इश्यूज ही हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने कोरोना के समय पर भी अपनी लाइफ को risk में डाल कर लोगों की जान बचायी थी।

अगर डॉक्टर्स न होते तो बहुत से मरीज बिना इलाज के लिए उस दुनिया से चले जाते। उन्होंने ये भी कहा कि आज के समय में डॉक्टर शायद भगवान से भी उंचे हो गये हैं क्योंकि उनकी बदौलत ही एक आम इंसान की जान बची हुई है।

Dr. Surjeet kaur madan
जालंधर के PMG अस्पताल की न्यू बोर्न स्पेशलिस्ट डॉ. सुरजीत कौर मदान ने डॉक्टर्स डे के मौके पर कहा कि दुनिया के सभी डॉक्टर्स सेल्फलेस होके और sacrifice करके, पेशेंट को ठीक करने में दिन रात मेहनत करते हैं।

उन्होंने कहा उनके पास प्री मैच्योर बच्चे होते हैं जिनकी देखभाल के लिए अस्पताल का स्टाफ और डॉक्टर होते हैं, ऐसे में जब हम बच्चे को ठीक करके मां की गोद में देते हैं, तब हमें बहुत ही प्राउड फील होता है और लगता है कि हमारी 20-25 साल की जो मेहनत है वो सफल हो गई।

ऐसे ही हर डॉक्टर ये चाहता है कि अस्पताल से जो पेशेंट जा रहा है उसके चहरे पर खुशी हो। वहीँ उन्होंने ये भी कहा कि न्यू बोर्न बेबी का सबसे पहला हक है मां का दूध, इसलिए माएं अपने बच्चे को जन्म के एक घंटे के अन्दर अपना दूध जरुर पिलायें। सुरुआत के 6 महीने सिर्फ मां का दूध ही पिलायें, क्योंकि ये बच्चे के लिए अमृत की तरह काम करता है। इसके अलावा और कोई भी चीज न दें। 6 महीने बाद सॉलिड फ़ूड खिअलाना शुरु करें। बच्चे का टीकाकरण भी टाइम से करवाएं। साथ ही उन्होंने ये भी कहा बच्चे जब थोड़े से बड़े हो जाएं तब उन्हें जंक फ़ूड से दूर रखें।

इस बार की थीम
हर साल इस दिन को एक नई थीम के साथ मनाया जाता है। इस बार की थीम Healing Hands, Caring Hearts है । यह विषय उस करुणा और समर्पण पर जोर देता है जो डॉक्टर्स हर रोज अपने अभ्यास में लाते हैं, आराम और देखभाल प्रदान करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हैं।
वहीँ अगर हम बात कोरोना काल की करें तो डॉक्टर्स ने जो अपनी भूमिका निभाई है वह किसी से छिपी नहीं है। इस खास दिन को मनाने के पीछे यही कारण है कि उन्हें सम्मानित किया जाये। उन्हें दूसरे के सेवा के लिए प्रेरित करना। डॉक्टर्स के प्रति अपना सम्मान दिखाने के लिए इससे खास दिन और कोई हो नहीं सकता है। तो आप भी अपने डॉक्टर को सम्मानित जरुर करें।

By tnm

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