हम सभी खाने पीने की चीजों को लेकर एक गलती तो जरुर करते हैं। वो हैं खाने पीने का आपसी कॉम्बिनेशन। दरअसल खाने पीने की चीजों को किस कॉम्बिनेशन मेक हना सही है ये हम सब सही से नहीं जानते हैं। ऐसे में किसी भी चीज के साथ हम कुछ भी खा लेते हैं। जिसका असर हमारी सेहत पर पड़ता है। ऐसे में कुछ फ़ूड आइटम्स हैं जो जिनका सेवन एक साथ करने से बॉडी को नुकसान पहुँचने के चांसेस बढ़ जाते हैं, वो है मछली और दूध। इसे लेकर बरसों से बहस चली आ रही है की मछली खाने के बाद दूध नहीं पीना चाहिए। अक्सर आपने भी घर में बड़े बुजुर्गों को कहते हुए सुना होगा की मछली खाने के बाद दूध पीने से सफेद दाग वाली बीमारी हो जाती है। क्या सच में ऐसा होता है। तो आज इसी के बारे में जानते हैं।
मछली खाने के बाद दूध पीना कितना सही है
बता दें एक्सपर्ट के मुताबिक आयुर्वेद में दोनों ही खाद्य पदार्थों का शरीर पर उल्टा प्रभाव पड़ता है। दरअसल दूध की तासीर ठंडी होती है वहीं मछली की तासीर गर्म होती है, ऐसे में इनका कॉम्बिनेशन सेहत को ख़राब करता है। इतना ही नहीं इससे शरीर में केमिकल चेंज हो सकते हैं। इससे पाचन पर असर पड़ सकता है,पेट में दर्द और सूजन हो सकता है क्योंकि दोनों ही प्रोटीन का बढ़िया स्रोत है। खासकर उन लोगों के लिए जिनका इम्यून सिस्टम काफी वीक होता है।
बेकार की बातें हैं
बता दें इस बात में दूर-दूर तक कोई सच्चाई नहीं है कि मछली खाने के बाद दूध पीने से सफेद दाग यानी कि विटिलिगो की प्रॉब्लम होती है। वैज्ञानिक तौर पर भी इसका कोई सबूत नहीं है। ना सिर्फ मछली से बल्कि किसी भी खाने पीने की चीजों से विटिलिगो बीमारी नहीं होती है। विटिलिगो एक ऑटोइम्यून डिजीज है। इसमें इम्यून सिस्टम त्वचा को रंग देने वाली कोशिकाएं मेलेनिन के खिलाफ एंटीबॉडी बनाना शुरू कर देता है। एंटीबॉडी जहां हमला करते हैं वहां पर सफेद दाग बनने लगते हैं।
