बढ़े हुए प्रोस्टेट से पीड़ित एक 73 साल का व्यक्ति जिसके कारण उसकी किडनी ही खराब हो गई थी इसके लिए उसके शरीर में एफयूरीनरी कैथेटर डी डाला गया था। ऐसे हालात के मरीज को फोर्टिस अस्पताल में वॉटर वेपर थेरेपी के जरिए से एक नया जीवन दिया गया। प्रोस्टेट के लिए मिनिमल इनवेसिव सर्जिकल उपचार का नवीनतम रुप है जो कि सिर्फ फॉर्टिस अस्पताल मोहाली में ही उपलब्ध है।

आखिर क्या होती है वॉटर वेपर थेरेपी?

वॉटर वेपर थेरेपी एक दर्द रहित केयर प्रक्रिया है जो उच्च जोखिम वाले रोगियों या युवा रोगियों को दी जाती है जो अपनी प्रजनन क्षमता को संरक्षित करना चाहते हैं उन्हें यह थेरेपी दी जाती है। दीर्घकालिक प्रभाव पारंपरिक प्रक्रिया के समान ही है। इस रोगी को स्ट्रोक भी हुआ था और वह हृदय रोगों से भी पीड़ित था। इसके लिए उनकी कार्डियक स्टेंटिंग की गई थी और उन्हें खून पतला करने की दवाई दी जा रही थी। बीपीएच के इस मामले में सर्जरी की जरुरत थी क्योंकि यह उच्च जोखिम वाला मामला था इसलिए सर्जरी करवाना उनके लिए जानलेवा हो सकता था। मरीज ने कई अस्पतालों का दौरा बी किया लेकिन आखिरकार इस साल मई में फोर्टिस अस्पताल मोहाली के यूरोलॉजी, एंड्रोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी विभाग के कंस्लटेंट डॉ. रोहित डधवाल के साथ संपर्क किया। पूरी जांच करने के बाद रोगी के लिए वॉटर वेपर थेरेपी की योजना बनाई गई। इस प्रक्रिया में एक विशेष हाथ से पकड़े जाने वाले रेडियोफ्रीइेंसी उपकरण के जरिए से प्रोस्टेटिक पैरेन्काइया के अंदर वॉटर वेपर को इंजेक्ट करना शामिल है जो समय के साथ प्रोस्टेट के प्रगतिशील दबाव और लक्षणों में सुधार की ओर ले जाता है।पूरी प्रक्रिया में करीबन 5 मिनट का समय लगता है और मरीज को कैथेटर पर छुट्टी दे दी जाती है जिसे एक हफ्ते के बाद हटा दिया जाता है। इस प्रक्रिया में प्रोस्टेट टिश्यू को काटने की जरुरत नहीं होती है इसलिए कोई भी रक्तस्त्नाव नहीं होता और कोई भी दर्द नहीं होता। यह प्रक्रिया स्थानीय एनेस्थीसिया के अंतर्गत की जाती है और रोगी को एक घंटे तक की निगरानी में रखा जाता है।

डॉ. डधवाल ने दी जानकारी

इस मामले पर बात करते हुए डॉ. डधवाल ने कहा कि – रोगी को वॉटर वेपर थेरेपी दी गई और प्रक्रिया में एक घंटे के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई हालांकि उनकी किडनी बीमारी से प्रभावित थी इसलिए कैथेटर को दो हफ्ते तर रखा गया जब तक कि किडनी में हुआ नुकसान को ठीक नहीं हो पाया। दो महीने के बाद मरीज पूरी तरह से ठीक है और सामान्य जीवन जी रहा है।

ऐसे ही 82 वर्ष के पुरुष जिसको स्थानीयकृत प्रोस्टेट कैंसर होने का निदान किया गया था उनका सफल इलाज रोबोटिक सर्जरी की मदद से किया गया जो प्रोस्टेट और किडनी ट्यूमर के लिए एक स्वर्ण मानक मानी जाती है। आमतौर पर रोगी अगले ही दिन चलना शुरु हो जाता है और तीन दिनों के अंदर छुट्टी दी जा सकती है। सौ से ज्यादा रोबोटिक सर्जरी कर चुके डॉ. रोहित ने बताया कि उन्नत तकनीक के जरिए रोगी सामान्य गतिविधियों को एक हफ्ते के अंदर फिर से शुरु कर सकते हैं और ट्यूमर पर नियंत्रण पा सकते हैं जो ओपन और लैप्रोस्कोपिक तकनीक में एक चुनौती हुआ करता था। वॉटर वेपर थेरेपी और रोबोटिक सर्जरी जैसी विधियां प्रोस्टेट के इलाज का भविष्य है।

 

By tnm

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