एन.एच.एस अस्पताल जालंधर जो कि मेडिकल इनोवेशन में अपनी एक अलग ही पहचान बना चुका है। उसने अब एक और बड़ा कदम उठाया है। अस्पताल ने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पर आधारित R.I. (रोबोटिक और इंटेलिजेंट) हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी की शुरुआत की है। यह तकनीक एन.एच.एस अस्पताल को इस “क्षेत्र में सबसे पहले में से एक” ऐसा संस्थान बनाती है जो इतनी उन्नत हिप सर्जरी कर रहा है।
डॉ. शुभांग अग्रवाल के नेतृत्व में हुई शुरुआत
इस पहल की शुरुआत डॉ. शुभांग अग्रवाल निदेशक और अनुभवी हड्डी रोग विशेषज्ञ उनकी देखरेख में हुई। उनके साथ पांच काबिल ऑर्थोपेडिक सर्जनों की टीम है जो इस नई तकनीक को अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
रोबोटिक ऑर्थोपेडिक्स में एन.एच.एस अस्पताल की प्रमुख भूमिका
2019 में एन.एच.एस अस्पताल ने इस क्षेत्र में सबसे पहले रोबोटिक घुटने और हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी शुरू की थी। इसके बाद से ही यह अस्पताल लगातार तकनीक और मरीजों की देखभाल में नए कीर्तिमान स्थापित करता आ रहा है। अब 2025 में AI और रोबोटिक तकनीक को मिलाकर R.I. हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी की शुरुआत हुई है। यह तकनीक सर्जरी को और ज्यादा सटीक, तेज और मरीज के लिए आरामदायक बनाएगी।
आखिर क्या है R.I. हिप रिप्लेसमेंट?
R.I. का मतलब है रोबोटिक और इंटेलिजेंट यानी रोबोटिक मशीनों की सटीकता और AI की बुद्धिमत्ता का मेल। AI मरीज के हड्डियों की बनावट, चाल, जोड़ की स्थिति आदि जैसे हजारों डेटा पॉइंट्स का विश्लेषण करता है, जिससे सर्जरी हर मरीज के अनुसार बिल्कुल व्यक्तिगत और सटीक होती है। AI लगातार सीखता है और ऑपरेशन के दौरान सर्जन को सबसे बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है। इससे न सिर्फ सर्जरी सफल होगी बल्कि मरीज की जिंदगी की गुणवत्ता भी बेहतर हो जाएगी।
डॉ. शुभांग अग्रवाल का संदेश
“हम एन.एच.एस अस्पताल में हमेशा एक कदम आगे रहना चाहते हैं। R.I. हिप रिप्लेसमेंट की शुरुआत के साथ हम तकनीक और बुद्धिमत्ता को एक साथ लाकर ऐसा इलाज दे रहे हैं जो पहले संभव नहीं था। इससे मरीजों को कम दर्द, जल्दी ठीक होने और बेहतर जीवनशैली का लाभ मिलेगा।
अनुभवी डॉक्टर्स की टीम
एन.एच.एस अस्पताल की असली ताकत है इसकी विशेषज्ञ ऑर्थो टीम। डॉ. शुभांग अग्रवाल के नेतृत्व में पांच अनुभवी सर्जन मिलकर हर ऑपरेशन को सुरक्षित, सटीक और मरीज की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए करते हैं।
ऐसे मिलेगा मरीजों को फायदा
ज्यादा सटीकता: AI 3D तकनीक से हड्डी की सटीक मैपिंग करेगा।
कम जोखिम: इम्प्लांट की सही पोजिशन से सर्जरी दोबारा करवाने की संभावना घटती है।
तेज रिकवरी: कम खून बहना, कम दर्द और जल्दी चलने-फिरने में मदद।
बेहतर लॉन्ग-टर्म परिणाम: मरीज की हड्डियों और लाइफस्टाइल के अनुसार इम्प्लांट फिट किया जाता है।
एन.एच.एस अस्पताल क्यों चुनें?
अनुभव और नेतृत्व: डॉ. शुभांग के पास 20+ साल का अनुभव और हजारों सफल सर्जरीज का रिकॉर्ड है।
विश्व-स्तरीय सुविधाएं: रोबोटिक ऑपरेशन थिएटर, AI सॉफ्टवेयर और आधुनिक जांच सुविधाएं।
मरीज को केंद्र में रखकर इलाज: हर मरीज को व्यक्तिगत ध्यान और सहानुभूति से इलाज दिया जाता है।
संपूर्ण देखभाल: ऑर्थोपेडिक के साथ-साथ एनेस्थीसिया, फिजियोथैरेपी और रिहैबिलिटेशन की भी सुविधा।
जालंधर में मिलेगी मुंबई जैसी चिकित्सा सुविधा
अब मरीजों को दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं है। एन.एच.एस अस्पताल ने यह सुविधा जालंधर में देकर इलाज को और भी सुलभ बना दिया है। यह सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि एक ऐसा कदम है जो लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनें
3 जून 2025 से 10 जून 2025 को एन.एच.एस अस्पताल जालंधर में इस नई तकनीक की शुरुआत आकर अपनी आंखों से देखें।
सम्पर्क करें:
ऑर्थोपेडिक विभाग: 9814209405
वेबसाइट: www.nhsorthorobotics.com
