Zika virus : हाल ही में पुणे से घातक जीका वायरस के दो मामले मिले हैं। यह खतरनाक बीमारी मच्छरों से फैलती है। दरअसल 46 वर्षीय एक व्यक्ति और उसकी किशोर बेटी में वायरस के लक्षण देखने को मिले हैं। वहीँ पुणे नगर निगम के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि उस व्यक्ति के पूरे शरीर पर गंभीर दाने हैं। फिलहाल शहर के एक अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।वहीँ उनके रक्त के नमूने पिछले हफ्ते नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी को भेजे गए थे, जिसमें पुष्टि हुई कि वे जीका वायरस की चपेट में हैं। अब ये जानना जरूरी है कि आखिर खतरनाक जीका वायरस क्या है।

जीका संक्रमण क्यों है खतरनाक

बता दें जीका वायरस, जिसे जीका बुखार कहते हैं। ये एक बीमारी है जो आपको एडीज एजिप्टी और एडीज एल्बोपिक्टस मच्छरों से हो सकती है। ये मच्छर दुनिया के कई हिस्सों में पाए जाते हैं। अमेरिका, कैरेबियन और अफ्रीका और एशिया के कुछ हिस्सों में इनका प्रकोप ज्यादा है। यह एक प्रकार का फ्लेविवायरस है।  एक आरएनए वायरस जो आमतौर पर मच्छरों से फैलता है। डेंगू और वेस्ट नाइल बुखार का कारण बनने वाले वायरस भी फ्लेविवायरस के ही प्रकार हैं।

गर्भवती रहे सावधान

बता दें यदि आप गर्भवती हैं और इससे संक्रमित हैं तो यह नाल के माध्यम से भ्रूण तक पहुंच सकता है। इससे संक्रमित बच्चे माइक्रोसेफली जैसी जन्मजात स्थितियों के साथ पैदा होते हैं। जीका वायरस संक्रमण के बाद हफ्तों से महीनों तक यह शरीर में मौजूद रहता है। यौन संबंध के कारण भी यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में पहुंच सकता है। जीका रक्त संक्रमण के माध्यम से भी फैल सकता है।

इसके लक्षण क्या हैं

बता दें जीका से पीड़ित केवल 5 में से 1 व्यक्ति में ही इसके लक्षण दिखते हैं। पीड़ित को हल्का बुखार, सिरदर्द, जोड़ों का दर्द, आंखों के सफेद हिस्से में लालिमा,  त्वचा के उभरे हुए लाल दाने इसके लक्षण हैं।

जीका वायरस से बचाव के उपाय

जीका संक्रमण होने या फैलने के जोखिम को कम करने के लिए मच्छरों से बचाव करना जरुरी है

ऐसे में आपकी त्वचा खुली न रहे

रिपेलेंट्स का इस्तेमाल किआ जा सकता है

घर के अंदर ऐसे कमरे में सोएं जहां खिड़कियों में जाली लगी हो या मच्छरदानी के नीचे सोएं

संक्रमण से पीड़ित किसी व्यक्ति के संपर्क में हैं तो यौन संबंध से दूर रहें

By tnm

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