युवा पीढ़ी पबजी (PUBG) गेम की इन दिनों इतनी आदी हो गई है कि इसके अलावा उन्हें कुछ और दिखता ही नहीं है। इन सबके चलते शायद आपने कभी यह न सोचा हो कि पबजी गेम आपकी सेहत पर भी गलत असर डाल सकती है। जी, हां दिल्ली में एक किशोर को पबजी गेम खेलने की इतनी आदत लग गई कि इसके चलते उसकी सेहत ही खराब हो गई। जरुरत से ज्यादा वीडियो गेम खेलने के कारण उसकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर विकृति उत्पन्न हो गई। इसके कारण उसके शरीर में भी लकवा मार गया। इन सबके चलते किशोर को चलने और पेशाब करने में भी दिक्कत का समाना करना पड़ा और उसको अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
इस बीमारी का शिकार हुआ किशोर
इस बारे में जानकारी देते हुए डॉक्टर्स ने बताया कि ज्यादा गेमिंग के कारण किशोर की रीढ़ की हड्डी में काइफो स्कोलियोटिक हो गया था जिसके कारण उसकी रीढ़ की हड्डी ही दब गई। इसके कारण स्थायी रुप से उसमें विकलांग का खतरा भी बढ़ गया। इसके चलते युवक को Kyphosis की समस्या हो गई। इसमें रीढ़ की हड्डी पीछे की ओर झुक जाती है जिससे शरीर आगे की ओर झुका हुआ नजर आता है। सामान्य से ज्यादा झुकाव के कारण पीठ के ऊपर हिस्से में देखा जाता है।
युवाओं में बढ़ रही ऐसी दिक्कतें
आगे डॉक्टरों ने कहा कि – यह मामला बहुत ही चुनौतीपूर्ण था क्योंकि यह स्पाइनल टीबी और गेमिंक गी लत के मनोवैज्ञानिक प्रभावों का मिश्रण था। हम युवाओं में लंबे समय तक स्क्रीन के संपर्क में रहने और गेमिंग की लत के कारण मस्कुलोस्केलेटल जटिलताओं की बढ़ती हुई समस्या देख रहे हैं।

12 घंटों तक लगातार खेलता था गेम
रिपोर्ट्स की मानें तो युवक लगभग एक साल तक अपने कमरे में अकेला रहता था और दिन में 12 घंटों तक वीडियो गेम खेलता रहता था। इसके कारण फिजिकल एक्टिविटी की कमी और सामाजिक लगाव जैसी समस्याएं उसमें पैदा हो गई। डॉक्टरों ने उसकी सर्जरी के लिए स्पाइनल नेविगेशन तकनीक का इस्तेमाल किया जो सफल रही। डॉक्टरों ने कहा कि अब उसकी स्थिति में सुधार हो रहा है और विकलांगता को रोकने के लिए भी उसका उपचार किया जा रहा है।
