वजाइना से जुड़ी समस्याओं को अक्सर महिलाएं शर्मिंदगी के कारण छुपा लेती हैं, लेकिन ये समस्याएं गंभीर हो सकती हैं अगर समय रहते उनका इलाज न किया जाए। इनमें यीस्ट इन्फेक्शन और बैक्टीरियल वेजिनोसिस शामिल हैं। यदि आप इन दोनों के बीच अंतर समझने में कंफ्यूज हैं, तो यहां हम आपको इन दोनों स्थितियों का फर्क और इलाज के बारे में जानकारी देंगे।
क्या है यीस्ट इन्फेक्शन?
यीस्ट इन्फेक्शन, जो कि कैंडिडा नामक फंगस के कारण होता है, एक प्रकार का बैक्टीरियल इन्फेक्शन है। यह वजाइना, मुंह, ग्रासनली और स्किन को प्रभावित कर सकता है। इस इन्फेक्शन के लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं:
वजाइना में खुजली और जलन
सफेद, गाढ़ा डिस्चार्ज
स्किन पर रैशेज और खुजली
मुंह और ग्रासनली में इन्फेक्शन के कारण दर्द और निगलने में कठिनाई
बैक्टीरियल वेजिनोसिस क्या है?
बैक्टीरियल वेजिनोसिस वजाइना में बैक्टीरिया की असंतुलित वृद्धि के कारण होने वाली एक सामान्य स्थिति है। इस स्थिति में महिलाओं को आमतौर पर सफेद या भूरे रंग का डिस्चार्ज होता है, जो सड़ी मछली जैसी गंध छोड़ता है। यह स्थिति एंटीबायोटिक्स से आसानी से ठीक हो जाती है।
यीस्ट इन्फेक्शन के कारण
गीले कपड़े पहनना
अत्यधिक तनाव और नींद की कमी
गर्भावस्था और ब्रेस्टफीडिंग
डायबिटीज़
वजाइनल स्प्रे या ड्यूज का अत्यधिक प्रयोग
बैक्टीरियल वेजिनोसिस के कारण
वजाइना में बैक्टीरिया का असंतुलन
यौन संचारित संक्रमण (STI)
कई सेक्सुअल पार्टनर होना
यीस्ट इन्फेक्शन और बैक्टीरियल वेजिनोसिस में फर्क
प्रभावित अंग
यीस्ट इन्फेक्शन केवल वजाइना ही नहीं, बल्कि शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित करता है, जैसे कि स्किन, मुंह, आदि। वहीं बैक्टीरियल वेजिनोसिस सिर्फ वजाइना को प्रभावित करता है।
कारण
यीस्ट इन्फेक्शन कैंडिडा नामक फंगस के कारण होता है, जबकि बैक्टीरियल वेजिनोसिस वजाइना में बैक्टीरिया की असंतुलित वृद्धि के कारण होता है।
इलाज
यीस्ट इन्फेक्शन सामान्य से गंभीर हो सकता है और इसका इलाज स्थिति के अनुसार होता है, जबकि बैक्टीरियल वेजिनोसिस को एंटीबायोटिक्स से आसानी से ठीक किया जा सकता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
