आमतौर पर हड्डियों की कमजोरी उम्र बढ़ने के साथ शुरू होती है, खासकर 50 साल के बाद, लेकिन आजकल यह समस्या 20 साल के युवाओं में भी देखने को मिल रही है। ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर हड्डी संबंधित समस्याएं अब पहले से कहीं ज्यादा युवाओं में पाई जा रही हैं। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें हड्डियां बहुत कमजोर हो जाती हैं, और फ्रैक्चर होने का जोखिम बढ़ जाता है।
हड्डियों की कमजोरी का कारण
एक्सपर्ट्स के मुताबिक युवा उम्र में पोषक तत्वों की कमी हड्डियों की कमजोरी का मुख्य कारण बन रही है। इस उम्र में अक्सर बच्चों और युवाओं में शारीरिक गतिविधियों की कमी होती है। आधुनिक दौर में बच्चे ज्यादा मोबाइल और स्क्रीन पर समय बिता रहे हैं और बाहर के खेलों से दूरी बना चुके हैं। पहले के समय में बच्चे पूरे दिन शारीरिक गतिविधियों से भरे होते थे, लेकिन आजकल पिज्जा, बर्गर जैसे जंक फूड्स का सेवन बढ़ गया है, जिनमें पोषक तत्वों की कमी होती है और नमक की मात्रा भी बहुत कम होती है, जिससे कैल्शियम की कमी हो सकती है। इसके अलावा, इन बच्चों और युवाओं में विटामिन D की भी कमी रहती है क्योंकि वे सूरज की रोशनी में कम समय बिताते हैं।
ऑस्टियोपेनिया: एक साइलेंट डिजीज
ऑस्टियोपेनिया को ‘साइलेंट डिजीज’ भी कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण धीरे-धीरे उत्पन्न होते हैं और अक्सर यह पता नहीं चलता कि हड्डियां कमजोर हो रही हैं। अचानक एक दिन हड्डियों में फ्रैक्चर हो सकता है। इसके अलावा, इस बीमारी में थकान, कमजोरी, सुस्ती और हड्डियों में दर्द महसूस होता है। ऑस्टियोपेनिया लड़कियों में लड़कों की तुलना में ज्यादा होता है। यदि बचपन से ही किसी व्यक्ति को धूम्रपान या शराब की आदत हो जाए, तो उसे इस बीमारी का खतरा और भी बढ़ जाता है।
क्या करें ऑस्टियोपेनिया से बचने के लिए?
इस बीमारी से बचने के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि हड्डियों की कमजोरी के मुख्य कारण क्या हैं। उचित आहार और जीवनशैली अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है। हड्डियों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों जैसे कैल्शियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, पोटैशियम, विटामिन D और विटामिन B12 की पर्याप्त मात्रा शरीर में होनी चाहिए। ताजे फल, हरी पत्तेदार सब्जियां और डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन बढ़ाएं। इसके अलावा, शरीर में विटामिन D की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करने के लिए सूरज की रोशनी में प्रतिदिन 15-20 मिनट जरूर बिताएं।
व्यायाम और शारीरिक गतिविधि
विटामिन D का असर तभी होता है जब शरीर में शारीरिक गतिविधि भी हो। इसलिए हर रोज एक्सरसाइज करें, ताकि हड्डियां मजबूत बने और शरीर स्वस्थ रहे।
ऑस्टियोपेनिया और हड्डियों की कमजोरी से बचने के लिए संतुलित आहार और नियमित शारीरिक सक्रियता बेहद जरूरी है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
