दही का सेवन न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन और प्रोबायोटिक्स जैसे अच्छे बैक्टीरिया होते हैं, जो शरीर को कई बीमारियों से बचाते हैं। एक नई रिसर्च में यह पाया गया है कि जो लोग नियमित रूप से दही का सेवन करते हैं, उनमें कोलोरेक्टल कैंसर (आंत से संबंधित कैंसर) का खतरा कम हो सकता है।
वैज्ञानिकों द्वारा की गई रिसर्च
मास जनरल ब्रिघम के वैज्ञानिकों द्वारा की गई एक स्टडी में यह पाया गया कि जो लोग सप्ताह में कम से कम दो बार दही खाते थे, उनमें बिफीडोबैक्टीरियम पॉजिटिव ट्यूमर की संभावना 20% कम थी। इस स्टडी में 1.5 लाख से अधिक लोगों के खानपान और स्वास्थ्य के आंकड़ों का अध्ययन किया गया, जिसमें 3,079 लोगों को कोलोरेक्टल कैंसर हुआ।
कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा
कोलोरेक्टल कैंसर, जिसे आंत का कैंसर भी कहा जाता है, दुनिया में तीसरा सबसे आम कैंसर है। यह कैंसर कई कारणों से हो सकता है, जैसे:
बैठे-बैठे ज्यादा समय बिताना
धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन
मोटापा और खराब आहार
प्रोसेस्ड मीट का अधिक सेवन और फल-सब्जियों की कमी
दही कैसे मदद करता है
दही में प्रोबायोटिक्स यानी अच्छे बैक्टीरिया होते हैं, जो आंत के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं। हालांकि वैज्ञानिकों को अभी यह पूरी तरह से नहीं पता कि दही कैंसर के खतरे को कैसे कम करता है, लेकिन यह माना जाता है कि दही आंत के माइक्रोबायोम को संतुलित करता है, जिससे आंतों में सूजन कम होती है और कैंसर की संभावना घटती है।
बिफीडोबैक्टीरियम बैक्टीरिया और उसका महत्व
बिफीडोबैक्टीरियम एक अच्छा बैक्टीरिया है, जो आंतों में सूजन को कम करता है और कैंसर को रोकने में मदद करता है। यह शरीर में एंटीऑक्सिडेंट्स और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने वाले तत्व उत्पन्न करता है, जिससे शरीर कैंसर से बेहतर तरीके से लड़ पाता है।
सबसे फायदेमंद दही
स्टडी के मुताबिक, प्राकृतिक और बिना चीनी वाला दही सबसे लाभकारी होता है। फ्लेवर वाले दही में अधिक चीनी होती है, जो सेहत के लिए सही नहीं है। ग्रीक योगर्ट, जो प्रोटीन और अच्छे फैट्स से भरपूर होता है, हड्डियों, दिल, डायबिटीज और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। अगर आपको दही पसंद नहीं है, तो आप किमची, मिसो, सॉकरक्राट और केफिर जैसे अन्य किण्वित खाद्य पदार्थ भी खा सकते हैं, जिनमें प्रोबायोटिक्स होते हैं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
