प्रेग्नेंसी एक ऐसा समय है जो हर महिला के लिए बेहद खास होता है। इस दौरान उनके शरीर में कई तरह के बदलाव भी होते हैं। इन बदलावों के कारण वह किसी भी बीमारी के प्रति ज्यादा सेंसिटिव हो जाती हैं। इन्हीं बीमारियों में से एक है गुलेन बैरी सिंड्रोम। यह एक ऐसी दुर्लभ गंभीर ऑटोइम्यून न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है जो आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पर असर डालता है। यह तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है जिसके कारण मांसपेशियों में कमजोरी, झुनझुनी और लकवे जैसी समस्याएं हो सकती है। इस बीमारी से कोई भी ग्रस्त हो सकता है लेकिन प्रेग्नेंसी में महिलाओं को गुलेन बैरी सिंड्रोम से बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं इन टिप्स के बारे में।

इंफेक्शन से होगा बचाव

यह सिंड्रोम मुख्य तौर पर वायरल या फिर बैक्टीरिल इंफेक्शन के कारण होता है ऐसे में यदि आप प्रेग्नेंसी में खुद को इससे बचाना चाहते हैं तो नियमित तौर पर अपने हाथों को धोते रहें। हाईजीन का पूरा ध्यान रखें, किसी भी बीमार व्यक्ति के संपर्क में न आएं।

हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करें

अच्छे लाइफस्टाइल को फॉलो करके आप गुलेन बैरी सिंड्रोम से अपना बचाव कर सकते हैं। नियमित एक्सरसाइज करें जैसे कि आप हल्की वॉक, योग या फिर प्रेग्नेंसी एक्सरसाइज कर सकती हैं। पूरी नींद लें इससे आपका इम्यून सिस्टम मजबूत होगा, तनाव कम लें क्योंकि यदि आप ज्यादा स्ट्रेस लेंगे तो आपकी इम्यूनिटी पॉवर कमजोर होगी।

अपना नर्वस सिस्टम मजबूत रखें

यह सिंड्रोम आपके तंत्रिका तंत्र पर गहरा असर डालते हैं इसलिए नर्वस सिस्टम को यदि आप हेल्दी रखना चाहते हैं तो मैग्नीशियम और विटामिन-बी12 युक्त डाइट लें, रिलैक्सिंग एक्सरसाइज और मेडिटेशन जरुर करें, ज्यादा कैफीन या फिर एल्कोहल न लें।

इम्यूनिटी को मजबूत रखें

यह एक ऑटोइम्यून बीमारी होती है ऐसे में यदि आपकी इम्यूनिटी मजबूत हुई तो इससे आपका बचाव होगा। ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान आप हेल्दी डाइट ही लें विटामिन-सी, विटामिन-डी, जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त चीजों का सेवन करें। हरी सब्जियां, फल, नट्स और सीड्स आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

रुटीन चेकअप करवाएं

यदि प्रेग्नेंसी में आपको हाथों-पैरों में झुनझुनी, कमजोरी, चक्कर या शरीर का संतुलन खोना महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर सही इलाज के जरिए आप गुलेन बैरी सिंड्रोम से अपना बचाव कर सकते हैं।

जरुरी वैक्सीनेशन करवाएं

प्रेग्नेंसी में कुछ वायरस का खतरा काफी बढ़ जाता है ऐसे में डॉक्टर की सलाह लेकर फ्लू वैक्सीन, टिटनस और डिप्थीरिया के वैक्सीन जरुर लगवाएं।

बैलेंस्ड डाइट लें

हेल्दी डाइट सिर्फ बच्चे ही नहीं मां के लिए भी जरुरी होती है। ऐसे में आप प्रेग्नेंसी में प्रोटीन, हैल्दी फैट्स, फाइबर से भरपूर भोजन ही खाएं। ज्यादा शुगर और जंक फूड का सेवन न करें। इसके अलावा प्रोसेस्ड फूड से भी दूरी बनाएं। ये फूड्स आपकी इम्यूनिटी को कमजोर बना देंगे।

प्रेग्नेंसी में गुलेन बैरी सिंड्रोम से अपना बचाव करने के लिए इम्यूनिटी मजबूत रखें, इंफेक्शन से अपना बचाव करें, बैलेंस्ड डाइट, वैक्सीनेशन और हेल्दी लाइफस्टाइल जैसी आदतें अपनाएं। यदि कोई भी असामान्य शरीर में लक्षण दिखे तो उसको नजरअंदाज न करें। डॉक्टर से भी सलाह लेते रहें।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

By tnm

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