महाराष्ट्र के लातूर जिले के अहमदपुर तहसील के ढालेगांव में स्थित कुक्कुट पालन केंद्र (पोल्ट्री फार्म) में हाल ही में करीब 4,200 चूजों की मौत हो गई। स्थानीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि यह घटना पांच से छह दिन पुराने चूजों की थी, जिनकी अचानक मौत हो गई। घटना के बाद शवों के नमूने पुणे के औंध स्थित राज्य पशु रोग निदान प्रयोगशाला में भेजे गए हैं, ताकि मौत के कारण का पता चल सके।
चूजों की मौत और संक्रमण फैलने का कारण
पशुपालन उपायुक्त डॉ. श्रीधर शिंदे ने कहा कि उनकी टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और पाया कि चूजों की मौत पिछले दो-तीन दिनों में हुई थी। लेकिन पोल्ट्री फार्म के मालिक ने घटना की जानकारी समय पर स्थानीय अधिकारियों को नहीं दी, जिसके कारण संक्रमण फैल गया। इसके परिणामस्वरूप लगभग 4,500 चूजों में से 4,200 की मौत हो गई। प्रशासन ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
पशु चिकित्सालय से अपील, पंजीकरण की अनिवार्यता
अहमदपुर पशु चिकित्सालय के उपायुक्त डॉ. शिवाजी क्षीरसागर ने पोल्ट्री फार्म मालिकों से अपील की है कि वे अपने केंद्र का पंजीकरण कराएं और ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत स्थानीय अधिकारियों को दें। इससे संक्रमण की स्थिति को नियंत्रित किया जा सकेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव संभव होगा।
बर्ड फ्लू का खतरा भी बढ़ा
यह घटना बर्ड फ्लू के खतरों को लेकर चिंता को और बढ़ाती है। लातूर जिले में इससे पहले भी बर्ड फ्लू के कारण 60 कौओं की मौत हो चुकी थी। इस महीने की शुरुआत में उदगीर शहर में मृत पाए गए कौओं का परीक्षण पुणे स्थित क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशाला और भोपाल के आईसीएआर-राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान द्वारा किया गया था, जिसमें पुष्टि हुई कि इन मौतों का कारण बर्ड फ्लू था।
प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए
लातूर जिला प्रशासन ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए, पोल्ट्री फार्मों और कुक्कुट पालन केंद्रों में संक्रमण फैलने से रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाने की योजना बनाई है। साथ ही, बर्ड फ्लू और अन्य पशु रोगों के फैलने के खतरे को कम करने के लिए नियमित निगरानी और परीक्षण जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
