एक तरफ जहां इस साल की नीट एक्ज़ाम्स और उनके रिजल्ट्स काफी सुर्खियों में बने हुए हैं। वहीं नीट यूजी टॉपर स्टूडेंट दिव्यांश भी लोगों के बीच काफी चर्चे में है। ऐसा इस लिए क्योंकि दिव्यांश एक गंभीर बीमारी से ग्रसित होने के बावजूद ना केवल मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट 2024 को क्रैक किया बल्कि साथ ही ऑल इंडिया लेवल पर पहली रैंक प्राप्त किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिव्यांश न्यूमोथौरेक्स नामक बीमारी से पीड़ित है जोकि एक फेफड़ों से जुड़ी बीमारी है। चलिए इस बीमारी के बारे में जानते हैं।
क्या है न्यूरोथौरेक्स की बीमारी

न्यूमोथौरेक्स फेफड़ों से जुड़ी एक बीमारी है, जिसे मेडिकल भाषा में कोलाप्स्ड लंग के नाम से जाना जाता है। दरअसल यह बीमारी तब होती है जब हवा फेफड़े और छाती की दीवार के बीच प्रवेश कर जाती है, जिससे फेफड़ा सिकुड़ जाता है। मतलब कि इस बीमारी में फेफड़े खुल जाते हैं और सांस के साथ शरीर में प्रवेश करने वाली हवा श्वसन मार्ग से बाहर निकलकर फेफड़ों और छाती के बीच की जगह में भरने लगते हैं। ऐसे में जब कोई पीड़ित व्यक्ति सांस लेता है तो उसके फेफड़े सामान्य तरीके से काम नहीं करता है। हालांकि यह एक दुर्लभ बीमारी है लेकिन समय रहते मरीज को इलाज नहीं मिलता है तो इससे मरीज की जान भी जा सकती है।
न्यूमोथौरेक्स किन कारणों से होती है
अगर हम बात करे कि न्यूमोथौरेक्स या कोलाप्स्ड लंग्स होता ही क्यों है तो इसके पीछे कई वजह हो सकते है। जिसमें खेलते समय छाती में चोट लगना, सड़क दुर्घटना, फेफड़ों में पंक्चर, सीने पर पेसिंल, चाकू या किसी नुकीली चीज से चोट लगना, एयरोसेल के संपर्क में आने की वजह से यह बीमारी हो सकती है। इसके अलावा सीओपीडी, निमोनिया, आदि बीमारियों की वजह से भी न्यूमोथौरेक्स या कोलाप्स्ड लंग्स की समस्या हो सकती है।
क्या है न्यूमोथौरेक्स के लक्षण
सीने में दर्द महसूस होना
सांस लेते समय सीने में दर्द होना
सांस फूलने की समस्या होना फूलना
सीने में जकड़न का अनुभ होना
चेहरा नीला पड़ना और हार्टबीट तेज होना
