मोटापे से हर कोई परेशान है। कुछ लोग तो लाख कोशिश करते हैं लेकिन फिर भी शरीर में जमा फैट कम ही नहीं होता। अगर आप भी ऐसी ही समस्या से परेशान हैं तो बता दें कि ऐसा स्लो मेटाबॉलिज्म के चलते हो सकता है। अगर मेटाबॉलिज्म स्लो होता है तो वजन तेजी से बढ़ने लगता है और इसे कम करना भी मुश्किल हो जाता है। इसका मतलब ये हुआ कि मोटापे से छुटकारा पाने के लिए मेटाबॉलिज्म का बूस्ट होना बहुत जरूरी है। इसलिए आपको इस आर्टिकल में कुछ ऐसे आसान तरीके बताए जाएंगे, जिससे आपको मदद मिल सकती है।
Metabolism
आपको बता दें कि मेटाबॉलिज्म दो प्रक्रिया से मिलकर बनता है। पहला कैटाबॉलिज्म और दूसरा एनाबॉलिज्म। हम जो भी खाते या पीते हैं वो बॉडी में जाने के बाद पोषक तत्वों में बंट जाता है, जिस वजह से ये पोषक तत्व हमारे शरीर को एनर्जी देते हैं। इसी पूरे प्रोसेस को कैटाबॉलिज्म प्रक्रिया कहा जाता है।
अब जो एनर्जी तैयार हुई है बॉडी इसे हर तरह के काम करने के लिए इस्तेमाल करेगी। जिसमें कोशिकाओं को विकसित करने से लेकर उनकी मरम्मत करना तक शामिल है। इसलिए जो एनर्जी शारीरिक कार्यों के इस्तेमाल के लिए इस्तेमाल की जाती है, इस प्रक्रिया को एनाबॉलिज्म कहते हैं।
तो इसलिए अगर आपका मेटाबॉलिज्म स्लो रहता है तो या तो आपकी बॉडी को सही मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिल पाएंगे या बॉडी इन पोषक तत्वों से एनर्जी नहीं बना पाएगी। ये दोनों स्थिति में बॉडी एनर्जी के लिए बार-बार खाना मांगती है, जिससे शरीर में एक्स्ट्रा कैलोरी जमा होने लगती है और मोटापा बढ़ जाता है। इसलिए वेट लॉस के लिए मेटाबॉलिज्म का बूस्ट होना बहुत जरूरी है।
How to Boost Metabolism?
ज्यादा ठंडे पानी का सेवन करना
कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि ठंडा पानी पीने से मेटाबॉलिज्म को काफी हद तक बढ़ावा मिल सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि आपका शरीर पानी को शरीर के तापमान तक गर्म करने के लिए एनर्जी का उपयोग करता है, जिससे कुछ मात्रा में कैलोरी बर्न होती है और मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा मिल सकता है।
वेट लिफ्टिंग
अगर आप रोजाना वेट लिफ्टिंग करना शुरू कर दें तो मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने में मदद मिल सकती है, क्योंकि वेट लिफ़्टिंग करने से ज्यादा कैलोरी बर्न होती है और मेटाबॉलिज्म मज़बूत होता है। इसलिए अगर वेट लिफ्टिंग नहीं करते तो आज से ही शुरू कर दें।
नींद
अगर आपका मेटाबॉलिज्म स्लो है तो नींद की कमी एक अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में रोजाना कम से कम 8 से 9 घंटे की भरपूर नींद जरूर लें।
प्रोटीन
अपने हर मिल में कोशिश करें कि प्रोटीन को शामिल करें ताकि मेटबॉलिज्म बूस्ट हो सके, क्योंकि प्रोटीन को पचाने में ज्यादा शक्ति की जरूरत होती है और इस वजह से मेटाबॉलिज्म बढ़ता है। इसके अलावा प्रोटीन में फैट या कार्ब्स की तुलना में बहुत अधिक थर्मिक प्रभाव होता है, जिससे भी मेटाबॉलिज्म को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा मिलता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
