बस कुछ ही दिनों में मकर संक्रांति का त्योहार आने वाला है। लोग अलग-अलग तरीके से तैयार होते हैं और खुश होते हैं। ऐसे में एक सवाल ये भी आता है कि मकर संक्रांति वाले दिन किस रंग के कपड़े पहनने चाहिए। भारत में इस त्योहार का बहुत महत्व है और इसे लोग ग्रहों के साथ और लोगों की मानसिक सेहत के साथ जोड़कर भी देखते हैं।
काले रंग के कपड़े
काले रंग को शनि देव के साथ जोड़कर देखा जाता है और इस तिथि के अनुसार मैच भी करता है। साथ ही कुछ लोग इस दिन पीले रंग के कपड़े भी पहनते हैं जो कि सूर्य से जोड़कर देखा जाता है तो ऐसे में उत्तर भारत में पीले रंग और पश्चिम भारत में काले रंग के कपड़े पहने जाते हैं।
मकर संक्रांति में ब्लैक कलर क्यों?
माना जाता है कि मकर संक्रांति वाले दिन मकर राशि में सूर्य प्रवेश करता है और मकर राशि एक शनि प्रधान राशि है इसलिए लोग इस दिन काले रंग के कपड़े पहनते हैं। साथ ही काला रंग खुद में सब कुछ समेट लेता है तो इसलिए जब सर्दियों के बाद धूप निकलती है तो काले रंग के कपड़े को पहनना इसे अवशोषित करने में मदद करता है।
पीले रंग के कपड़े
जो लोग इस दिन पीले कपड़े पहनते हैं उनका मानना है कि सूर्य उदय के साथ उत्साह और एक नई एनर्जी आती है पीला रंग इस बात का भी संकेत देता है कि बसंत आने वाला है और इसी के साथ जीवन की नई शुरुआत होगी।
काले रंग की साइकोलॉजी
काला रंग एक शक्ति का प्रतीक है। काले रंग के कपड़े सादगी, शान और वर्चस्व का प्रतिबिंब माने जाते हैं। और कहा जाता है कि जो लोग आतमविश्वासी, सशक्त और भीड़ में अलग दिखने से नहीं घबराते हैं उन लोगों का ये रंग पहचान है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
