दोस्ती में अक्सर होता है कि हम एक दूसरे का मजाक बना लेते हैं, कई बार सीरियस मामलों में भी हंसी निकल जाती है, क्योंकि ये दोस्ती की एक खासियत है। दोस्त का मूड खराब हो तो थोड़ी टांग खिंचाई करके माहौल को हल्का कर देना, ताकि उसके चेहरे पर मुस्कान लौट आए।

लेकिन कुछ मामले ऐसे होते हैं जहां दोस्तों की टांग खिंचाई करके खुश करने के बजाय चुपचाप उसका साथ देना चाहिए, क्योंकि चाहे वे आपका दोस्त हो, पर उसके पहले एक आम इंसान है। इंसान की ज़िंदगी के कुछ ऐसे पल होते हैं जहां हंसी-मज़ाक बर्दाश्त नहीं होती तो इसलिए हम आपको कुछ मौके बताने जा रहे हैं जहां आपको अपने दोस्त पर हंसने की बजाय उसका सात देना चाहिए।

दिल टूटने पर

जब किसी का भी दोस्त बहुत ज़्यादा दुखी हो तो वे चाहेगा/चाहेगी कि आप उसकी बातों को सुनें, ताकि उसका दिल हल्का हो जाए तो ऐसे में अपने दोस्त की बातों को सीरियसली लेना चाहिए। वैसे तो आमतौर पर दोस्तों की बातों पर हल्के-फुल्के कमेंट हो जाते हैं, पर जब लगे मामला गंभीर है तो समझदार बन जाएं। उसे अंकलों-आंटियों की तरह सलाह भी मत दें कि ये करना चाहिए था या वो करना चाहिए था, न ही ये बताने की कोशिश करें कि उसकी कहां गलती थी। बस उसकी बातों को गंभीरता से सुनें।

खुद की काबिलियत पर शक होने लगे

हम सभी की ज़िंदगी में एक ऐा पल आता है जब लगता है कि हम किसी काम के नहीं हैं। साथ के लोग कितने आगे निकल गए हैं और हम अभी तक वहीं के वहीं हैं। उस वक्त हमें अपनी क़ाबिलियत पर शक़ होने लगता है। ऐसे में जब आपका दोस्त इस तरह की मनोदशा से गुज़र रहा हो तो उसकी बातों को गंभीरता से सुनें।

ध्यान रखें कि मजाक मजाक में जब वे ख़ुद की कमियां बता रहा हो तो आप अपनी ओर से उसकी कमियों की लिस्ट में दो-चार चीज़ें और न ऐड कर दें। आप उसे उसकी अच्छाइयों, उसकी कुछ ख़ास क्वॉलिटीज़ के बारे में याद दिलाएं। अपने आप को पूरी तरह जेनुइन रखें। इस तरह आपकी मदद से अपने दोस्त में दोबारा पॉज़िटिविटी भर सकते हैं।

कोई बड़ा और कड़ा निर्णय लिया हो तो

रोज़मर्रा की जि़ंदगी में बदलाव लाने के बारे में सभी सोचते हैं, पर ऐसा हो नहीं पाता क्योंकि मामला कंफ़र्ट ज़ोन पर जाकर अटक जाता है। ऐसे में अगर आपके दोस्त ने अपने कंफ़र्ट ज़ोन से बाहर निकलकर कुछ नया करने की कोशिश की है तो ये आपकी ज़िम्मेदारी है कि उसका हौसला बढ़ाएं। ऐसा भी हो सकता है कि उसका ये फैसला अभी के लिए ठीक न लग रहा हो या शुर में थोड़ी परेशानियां आ रही हों, लेकिन आप उसका हौसला बढ़ाएं, न कि उसके फ़ैसलों का पोस्टमार्टम करने बैठ जाएं।

By tnm

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