21 दिसंबर 2024 को एपिगैमिया के को-फाउंडर रोहन मीरचंदानी का निधन हार्ट अटैक के कारण हुआ। वह 42 वर्ष के थे। रोहन मीरचंदानी ने 2013 में Drums Food International की स्थापना की थी, जो ग्रीक योगर्ट ब्रांड Epigamia का पेरेंट कंपनी है। उनका आकस्मिक निधन भारतीय व्यवसाय और खाद्य उद्योग के लिए एक बड़ा सदमा था। हाल के वर्षों में हार्ट अटैक की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है, खासकर युवाओं में, और यह एक लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारी बन चुकी है। आइए जानते हैं, हार्ट अटैक के लक्षण क्या होते हैं और इसे कैसे रोका जा सकता है?
रोहन मीरचंदानी का परिचय
रोहन मीरचंदानी एक उभरते हुए बिजनेस लीडर थे। एनवाईयू स्टर्न और व्हार्टन स्कूल से ग्रेजुएट होने के बाद उन्होंने Epigamia को सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी अगुवाई में, Epigamia ने भारतीय बाजार में ग्रीक योगर्ट को लोकप्रिय बनाया। रोहन मीरचंदानी का निधन इस बात का संकेत है कि हार्ट अटैक अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह युवा और स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित कर रहा है।
कम उम्र में हार्ट अटैक के लक्षण
आजकल, कम उम्र में हार्ट अटैक की घटनाएं बढ़ रही हैं, और इसके लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है। कुछ सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:
सडन कोलैप्स
हार्ट अटैक के दौरान दिल अचानक धड़कना बंद कर सकता है, जिससे व्यक्ति बेहोश हो जाता है।
सीने में दर्द या बेचैनी
अचानक सीने में असहनीय दर्द या दबाव महसूस होना।
सांस लेने में कठिनाई
अचानक सांस लेने में तकलीफ होना, जिसे गैस या पेट की समस्या समझकर नजरअंदाज न करें।
अत्यधिक पसीना आना
असामान्य रूप से ठंडा पसीना आना, खासकर सीने में दर्द के साथ।
जबड़े, गर्दन या पीठ में दर्द
हार्ट अटैक के समय कभी-कभी जबड़े, गर्दन या पीठ में भी दर्द महसूस हो सकता है।
हार्ट अटैक के कारण
कम उम्र में हार्ट अटैक के कई कारण हो सकते हैं, जो मुख्य रूप से लाइफस्टाइल से जुड़े होते हैं। इसमें शामिल हैं:
तनाव और मानसिक दबाव
खराब आहार (ज्यादा वसा, तला-भुना खाना, ज्यादा चीनी)
धूम्रपान और शराब का अत्यधिक सेवन
मोटापा और शारीरिक गतिविधियों की कमी
ये सभी आदतें दिल की सेहत पर प्रतिकूल असर डालती हैं, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
40 की उम्र में हार्ट अटैक से बचने के प्रभावी उपाय
संतुलित आहार
हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और मछली जैसी कम वसा वाले प्रोटीन का सेवन करें। ट्रांस फैट्स और सैचुरेटेड फैट्स से बचें।
नियमित व्यायाम
सप्ताह में कम से कम 150 मिनट का मध्यम व्यायाम करें, जैसे तेज चलना, साइकिल चलाना या तैराकी। इससे दिल की धड़कन मजबूत होती है।
वजन नियंत्रित रखें
मोटापा हार्ट पर अतिरिक्त दबाव डालता है। स्वस्थ वजन बनाए रखने से दिल के जोखिम को कम किया जा सकता है।
धूम्रपान और शराब से बचें
धूम्रपान से रक्तवाहिकाएं संकुचित होती हैं, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है। शराब का अत्यधिक सेवन भी दिल के लिए हानिकारक है।
तनाव कम करें
योग, ध्यान और गहरी सांस लेना तनाव को कम करने में मदद करता है, जो हार्ट अटैक के जोखिम को कम कर सकता है।
नियमित रूप से रक्तचाप और शुगर की जांच करें
हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज हार्ट अटैक का कारण बन सकते हैं, इसलिए इनकी नियमित निगरानी करें।
