शाकाहारी भोजन का स्वास्थ्य पर विभिन्न प्रभाव हो सकते हैं। कुछ लोग इस आहार के लाभों को महसूस करते हैं, जैसे कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होना, हृदय रोग और टाइप 2 डायबिटीज के खतरों में कमी आना। लेकिन यह आहार सभी के लिए नहीं होता। एक नए स्टडी में शोधकर्ताओं ने यह पाया कि शाकाहारी आहार के स्वास्थ्य लाभ आनुवंशिकी पर निर्भर करते हैं। यह स्टडी जॉर्जिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया है और पीएलओएस जेनेटिक्स नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
आनुवंशिकी और पोषण का संबंध
इस स्टडी में यह जांचा गया कि जीन में अंतर किस प्रकार से व्यक्ति की पोषण संबंधी जरूरतों और आहार से जुड़ी बीमारियों पर असर डालता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह जानकारी व्यक्तिगत आहार सिफारिशों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। अध्ययन में शामिल शोधकर्ताओं का कहना है कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह साबित हो रहा है कि हर व्यक्ति की आहार संबंधी जरूरतें अलग-अलग होती हैं और एक ही आहार सभी के लिए नहीं हो सकता।
शाकाहारी भोजन और कोलेस्ट्रॉल

शोधकर्ताओं ने पाया कि अधिकांश शाकाहारी लोगों में कुल कोलेस्ट्रॉल, एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) और एचडीएल (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) का स्तर कम था, जो हृदय के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि शाकाहारियों में विटामिन डी का स्तर कम था और मांसाहारी लोगों की तुलना में ट्राइग्लिसराइड्स (रक्त में वसा) का स्तर अधिक था। विटामिन डी की कमी से हड्डियों और प्रतिरक्षा प्रणाली पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है, जबकि ट्राइग्लिसराइड्स का उच्च स्तर हृदय रोग का कारण बन सकता है।
आनुवंशिकी की भूमिका
इस स्टडी में 1,50,000 से अधिक लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया और यह देखा गया कि आनुवंशिक वेरिएंट, जैसे माइनर एलील, शाकाहारी भोजन के स्वास्थ्य प्रभाव को प्रभावित कर सकते हैं। उदाहरण के लिए एक जीन वेरिएंट कैल्शियम मेटाबोलिज्म से जुड़ा हुआ था। शाकाहारी भोजन करने वालों में कैल्शियम का स्तर सामान्यत: कम होता है, लेकिन जिनमें यह वेरिएंट था, उनमें कैल्शियम का स्तर अधिक पाया गया। हालांकि कैल्शियम के उच्च स्तर से गुर्दे की पथरी या हृदय रोग जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
हार्मोनल प्रभाव

स्टडी में यह भी पाया गया कि कुछ शाकाहारियों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होता है, जबकि एक छोटे समूह में जीन वेरिएंट के कारण टेस्टोस्टेरोन के स्तर में वृद्धि देखी गई। यह वेरिएंट शाकाहार के हार्मोनल प्रभाव को प्रभावित कर सकता है।
किडनी पर असर

शोध में एक अन्य महत्वपूर्ण जीन वेरिएंट पाया गया जो किडनी के कार्य और छानने की दर को प्रभावित करता है। इस वेरिएंट के कारण शाकाहारी भोजन के प्रभाव में बदलाव आया, जैसे कि किडनी की छानने की दर में वृद्धि या कमी।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
