मल्टीपल स्क्लेरोसिस एक ऐसी बीमारी है जिससे महिलाएं और पुरुष दोनों ही अधिक प्रभावती होते हैं। वहीं ये एक कॉम्प्लेक्स, क्रोनिक, ऑटॉइम्यून और तंत्रिका (neurological) से जुड़ी बीमारी है। जो खासतौर से सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर असर डालती है। जिस वजह से शरीर में कई तरह की सेहत समस्याएं होने लगती है। वहीं डबल्यूएचओ के मुताबिक दुनियाभर में 1.8 मिलियन से अधिक लोग मल्टीपल स्क्लेरोसिस से ग्रसित हैं। हालांकि भारत में एक लाख लोगों में से 7 से 30 हजार लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं।। ऐसे में आइए इस बीमारी के बारे में जानते हैं।
आखिर कब से शुरू होता है मल्टीपल स्क्लेरोसिस

अगर हम मल्टीपल स्क्लेरोसिस प्रॉब्लम की शुरुआत की बात करें तो यह 20 से 40 साल के लोगों में आसानी देखा जा सकता है। वहीं इस बीमारी से सभी प्रभावती हो सकते हैं। इतना ही नहीं महिलाएं इससे काफी ज्यादा और जल्दी प्रभावित होती हैं। एक्स्पर्ट्स के मुताबिक यह बीमारी महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले दो से तीन गुना अधिक होता है।
क्या हैं मल्टीपल स्क्लेरोसिस के लक्षण
शरीर के किसी एक अंग में बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होना
नजरे कमजोर होना
पेशाब रोकने और करने में प्रॉब्लम महसूस होना
गर्दन और रीढ़ की हड्डी में करंट लगना
चलते समय दो-दो चीजे दिखना
शरीर में सुन्नता महसूस होना
सोचने और याद रखने में दिक्कत होना
आंतों में परेशानी होना
आंखों में दर्द होना
चक्कर आना और थकान महसूस होना
मल्टीपल स्क्लेरोसिस होने के कारण क्या है
बहुत ज्यादा नशा करना और स्मोकिंग करना
विटामिन डी की कमी होना
धूप में बाट ज्यादा रहना
बरसात और अंधेरे वाले जगहों पर ज्यादा रहना
जेनेटिक होना
20 से 40 के उम्र के बीच में होना
मल्टीपल स्क्लेरोसिस से कैसे करें बचाव
वजन को मेंटेन रखें
शराब और तंबाकू के सेवन से बचें
हेल्दी डाइट लें
हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करें
अच्छी नींद लें
हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज कंट्रोल में रखें
बहुत ज्यादा प्रॉब्लम हो तो डॉक्टर से संपर्क करें
