अगर आप भी चॉकलेट के शौकीन हैं तो यह खबर आपके लिए अहम हो सकती है। दरअसल स्विस चॉकलेट कंपनी लिंड्ट इस समय एक गंभीर विवाद का सामना कर रही है। कंपनी ने हाल ही में स्वीकार किया है कि उसकी कुछ चॉकलेट्स में सीसा (Lead) और कैडमियम (Cadmium) जैसे भारी धातु पाए गए हैं। हालांकि लिंड्ट का कहना है कि इन धातुओं की मात्रा ट्रेस स्तर पर है और यह नियामक सीमाओं के भीतर है, जिससे स्वास्थ्य पर कोई गंभीर प्रभाव नहीं होना चाहिए। फिर भी इस मुद्दे पर विशेषज्ञों और उपभोक्ताओं के बीच चिंताएं बढ़ रही हैं।
क्या हैं भारी धातु का प्रभाव
लंबे समय तक सीसा और कैडमियम जैसे भारी धातुओं का सेवन सेहत पर गंभीर असर डाल सकता है। खासकर बच्चों के लिए यह बहुत खतरे की बात है, क्योंकि यह उनके मस्तिष्क के विकास को प्रभावित कर सकता है, जिससे IQ में कमी हो सकती है। गर्भवती महिलाओं के लिए भी ये धातु खतरनाक हो सकते हैं।
वयस्कों में बार-बार इन धातुओं के संपर्क में आने से तंत्रिका तंत्र, ब्लड प्रेशर, प्रतिरक्षा तंत्र और किडनी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इससे प्रजनन समस्याएं भी हो सकती हैं। हालांकि जिन लोगों का चॉकलेट का सेवन कम है, उनके लिए इसका जोखिम कम हो सकता है, लेकिन चॉकलेट प्रेमियों के लिए यह एक चेतावनी हो सकती है।
लिंड्ट की चॉकलेट्स में भारी धातुओं की मात्रा
2022 में कंज्यूमर रिपोर्ट्स ने एक अध्ययन किया, जिसमें लिंड्ट की “Excellence Dark Chocolate 70% Cocoa” और “Excellence Dark Chocolate 85% Cocoa” चॉकलेट्स में सीसा और कैडमियम की खतरनाक मात्रा पाई गई। रिपोर्ट के अनुसार, 70% कोको वाली चॉकलेट में 116% कैडमियम और 48% सीसा था, जबकि 85% कोको वाली चॉकलेट में 166% सीसा और 80% कैडमियम पाया गया। ये आंकड़े चिंता का कारण बनते हैं, क्योंकि यह चॉकलेट में भारी धातुओं की अधिक मात्रा को दर्शाते हैं।
कैसे करें बचाव
भारी धातुओं के असर से बचने के लिए यह सबसे बेहतर उपाय होगा कि चॉकलेट का सेवन सीमित किया जाए। कंज्यूमर रिपोर्ट्स की सलाह के अनुसार चॉकलेट का सेवन कभी-कभी ही करें और कम कोको प्रतिशत वाली चॉकलेट का चयन करें। इससे आप कैडमियम के उच्च स्तर से बच सकते हैं।
बच्चों के लिए खतरा
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बच्चों को ज्यादा डार्क चॉकलेट नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि इसमें भारी धातुओं की मात्रा अधिक हो सकती है। इसके अलावा यह जरूरी नहीं कि ऑर्गेनिक चॉकलेट्स में भारी धातु की मात्रा कम हो। स्टडी में यह पाया गया कि दोनों प्रकार की चॉकलेट्स ऑर्गेनिक और नॉन-ऑर्गेनिक में समान रूप से भारी धातुओं की मात्रा चिंता पैदा करने वाली पाई गई।
