दिल्ली के साथ-साथ पंजाब के कई शहरों में पराली जलाने की घटनाओं के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बेहद खराब हो गया है। जालंधर शहर में AQI का स्तर 251 रिकॉर्ड किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। इस प्रदूषण के कारण शहरवासियों को सांस लेने में कठिनाई हो रही है, और लोग प्रदूषण के कारण बाहर निकलने में भी हिचकिचा रहे हैं।
स्वास्थ्य पर असर
वायु में फैले जहरीले कणों के कारण फेफड़ों में सूजन उत्पन्न हो रही है, जो अस्थमा, टी.बी., और एलर्जी के मरीजों के लिए विशेष रूप से खतरनाक है। प्रदूषण के स्तर में इस वृद्धि के कारण जालंधर के प्रमुख अस्पतालों और क्लीनिकों में मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि देखी जा रही है। पिछले दो हफ्तों के दौरान, ओ.पी.डी. में अस्थमा, छाती रोग, खांसी, पेट की बीमारियों और एलर्जी के मरीजों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है।
प्रदूषण के कारण कई लोग सांस लेने में तकलीफ महसूस कर रहे हैं, और प्रदूषित हवा से श्वास संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगों से ग्रस्त लोगों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है। डॉक्टरों के अनुसार इस समय शहर में सेहत पर असर डालने वाले प्रदूषण का स्तर एक गंभीर चिंता का विषय है।
बचाव के उपाय
इस खतरनाक स्थिति से बचने के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कुछ जरूरी सलाह दी है:
मास्क का उपयोग करें
घर से बाहर जाते समय मास्क पहनना बेहद जरूरी है, ताकि प्रदूषण से बचाव किया जा सके और सांस की परेशानी कम हो।
चश्मे का उपयोग
आंखों में जलन और चुभन से बचने के लिए चश्मे का इस्तेमाल करें, ताकि प्रदूषण से आंखों को सुरक्षा मिल सके।
गर्म कपड़े पहनें
ठंड के मौसम में हल्के गर्म कपड़े पहनने से शरीर को आराम मिलेगा और प्रदूषण से होने वाली परेशानी कम हो सकती है।
पानी पीने का ध्यान रखें
ज्यादा से ज्यादा पानी पीने से शरीर में जमा हुई जहरीली गैसों को बाहर निकाला जा सकता है।
घर में रहें
यदि संभव हो, तो घर के अंदर रहकर प्रदूषण से बचने की कोशिश करें और खुले स्थानों पर जाने से बचें।
प्रशासन की कोशिशें
प्रदूषण की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए प्रशासन भी सक्रिय है और प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न उपायों पर विचार कर रहा है। इसके अलावा सरकार प्रदूषण कम करने के लिए जागरूकता अभियान भी चला रही है, जिसमें लोगों से वाहन कम चलाने और जलने वाले कचरे को न जलाने की अपील की जा रही है।
