हाल ही में अमेरिका के Nottinghamshire शहर में एक अजीबोगरीब घटना घटी, जिसने एक माता-पिता को हिलाकर रख दिया। उनके नवजात बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र उस समय एक गलती के कारण चर्चा का विषय बन गया, जब स्थानीय नगर निगम विभाग ने बच्चे के जेंडर को गलत दर्ज कर दिया। जन्म से एक लड़की पैदा हुई थी, लेकिन कागजों में उसे ‘Male’ (पुरुष) के रूप में दर्ज कर दिया गया। यह मामला अब एक बड़े विवाद का कारण बन चुका है और माता-पिता को इस बात की चिंता सता रही है कि कहीं उनकी बेटी को भविष्य में ट्रांसजेंडर के रूप में न पहचाना जाए।
जेंडर की गलती से माता-पिता में चिंता का माहौल
20 वर्षीय ग्रेस बिंघम (Grace Bingham) और 21 वर्षीय इवान मरे (Ewan Murray) 8 अक्टूबर को माता-पिता बने थे। इस खुशहाल पल के बाद, जब उन्होंने अपनी नवजात बेटी, लायला (Lilah) का जन्म प्रमाण पत्र लिया, तो उनके होश उड़ गए। जन्म प्रमाण पत्र में उनकी बेटी का जेंडर ‘Male’ यानी पुरुष के रूप में दर्ज था, जो कि एक स्पष्ट गलती थी। यह गलती अब उनके लिए एक गंभीर चिंता का कारण बन चुकी है। माता-पिता ने सोशल मीडिया पर अपनी चिंता व्यक्त की और कहा कि उन्हें डर है कि कहीं उनकी बेटी को भविष्य में ट्रांसजेंडर के रूप में न पहचानी जाए।
सिविक एजेंसी का दावा – यह सिर्फ एक गलती थी
स्थानीय सिविक एजेंसी ने इस गलती पर अपनी सफाई देते हुए कहा है कि यह एक तकनीकी गलती थी और इसे जल्द ही सुधार लिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सही जेंडर दर्ज किया जाएगा और कोई भी गलतफहमी उत्पन्न नहीं होगी। हालांकि दंपति ने इस सफाई को अस्वीकार कर दिया है और आरोप लगाया कि यह उनकी लापरवाही है। उन्होंने रजिस्ट्रार ऑफिस पर आरोप लगाया कि जन्म प्रमाण पत्र में गलती करने के बाद भी उन्होंने समय पर इसे ठीक करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
लापरवाही और असंवेदनशीलता का आरोप
ग्रेस और इवान ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार रजिस्ट्रार ऑफिस का दौरा किया और अपनी बेटी के जन्म प्रमाण पत्र में हुई इस गलती को ठीक करने के लिए कहा, लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। उन्हें यह भी डर था कि कहीं भविष्य में उनकी बेटी को इस गलती के कारण सामाजिक रूप से भेदभाव का सामना न करना पड़े। दंपति ने बताया कि उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि यह गलत जानकारी उन्हें कानूनी और सामाजिक समस्याओं में डाल सकती है।
बच्चे के भविष्य को लेकर चिंता
माता-पिता के लिए यह स्थिति बहुत ही तनावपूर्ण है, क्योंकि इस गलती के कारण उनकी बेटी के भविष्य पर असर पड़ सकता है। वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द इस गलती को ठीक किया जाए ताकि उनकी बेटी का जीवन सामान्य रूप से शुरू हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की लापरवाही से न केवल कानूनी जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं, बल्कि सामाजिक और मानसिक तनाव भी हो सकता है। वे अपनी बेटी को बिना किसी पहचान की गलती के समाज में स्वीकार करने की उम्मीद रखते हैं।
क्या यह मामला गलत पहचान का कारण बनेगा
यह मामला सिर्फ एक गलती से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर सवाल खड़ा करता है कि क्या हमारी पहचान और जेंडर से संबंधित गलतियां कभी किसी व्यक्ति के जीवन को प्रभावित कर सकती हैं। इस घटना ने यह भी दिखाया कि सही दस्तावेज और जेंडर पहचान कितनी महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में माता-पिता ने बताया कि वे अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं, ताकि उनकी बेटी के भविष्य में कोई समस्या न आए।
सिविक एजेंसी की जिम्मेदारी पर सवाल
यह घटना उस वक्त सामने आई है जब सिविक एजेंसियों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। गलती के बावजूद जिम्मेदारी से बचने के बजाय अधिकारियों को इसे तुरंत सुधारने की कोशिश करनी चाहिए थी, ताकि किसी परिवार को इस प्रकार की मानसिक और कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े। इस मामले ने यह साबित कर दिया कि प्रशासन की लापरवाही किसी के जीवन को कितना प्रभावित कर सकती है, और इसे सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।
अब देखना यह है कि स्थानीय सिविक एजेंसी इस गलती को कब और कैसे सुधारती है, और क्या दंपति को अपनी बेटी के जन्म प्रमाण पत्र में सही जेंडर दर्ज कराने में सफलता मिलती है।
