मासिक धर्म चक्र एक सामान्य महिला का 24 से 38 दिनों तक होता है। प्रीटीन और टीनएजर्स के लिए ये चक्र 38 दिनों या उससे अधिक समय तक चल सकता है। वैसे हर महिला अलग होती है और उनका चक्र हर महीने अलग-अलग हो सकता है। कभी ऐसा होता है कि पिछले महीने की तुलना में इस महीने अधिक या कम दिनों तक चल सकता है या पहले या बाद में शुरू हो सकता है। लेकिन कई बार कुछ एक ही महीने में दो बार मासिक धर्म भी हो सकता है।
महीने में दो बार पीरियड्स हो गए हैं तो सबसे पहले ये देखें कि ये स्पॉटिंग है या मासिक धर्म। अगर आपको मासिक धर्म की ब्लीडिंग हो रही है तो हर कुछ घंटों में पैड या टैम्पोन से खून बहने की उम्मीद करनी चाहिए। ऐसे में आपके खून का रंग गहरा लाल, लाल, भूरा या गुलाबी हो सकता है। वहीं अगर स्पॉटिंग है तो पैड या टैम्पोन भरने के लिए पूरी ब्लीडिंग नहीं होगी। स्पॉटिंग से जो खून निकलेगा वो आमतौर पर गहरे लाल या भूरे रंग का होगा।
ऐसा किन कारणें से होता है?
तनाव, अंडाशय बंद होने की वजह से, हाइपरथायरायडिज्म (hyperthyroidism), हाइपोथायरायडिज्म (hypothyroidism), पेरिमेनोपॉज, गर्भाशय फाइब्रॉएड या सिस्ट, ज्यादा वजन घटना और बढ़ना, बीमारियां, ऐसी स्थितियाँ अतिरिक्त रक्तस्राव का कारण बनती हैं।
अगर आमतौर पर आपका चक्र ठीक रहता है और आचानक बदलाव, जैसे कि एक महीने में दो बार मासिक धर्म होना, किसी चिकित्सा स्थिति का संकेत हो सकता है। उदाहरण के लिए, गर्भावस्था के दौरान स्पॉटिंग होना, ये सामान्य हो सकता है, लेकिन आपको गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह की ब्लीडिंग के बारे में डॉक्टर को बताना चाहिए। यौन संचारित इंफेक्नश से डिस्चार्ज और ब्लीडिंग हो सकती है। PCOS एक हार्मोनल स्थिति है जो अनियमित मासिक धर्म का कारण बन सकती है।
प्यूबर्टी के कारण अभी-अभी मासिक धर्म शुरू हुए हैं तो लाजमी है कि आपको एक या दो साल तक अनियमित मासिक धर्म आएंगे, जिसका मतलब है कि आपको एक महीने में दो मासिक धर्म भी हो सकते हैं। अगर आपके परिवार इतिहास में फाइब्रॉएड, सिस्ट या समय से पहले परीमेनोपॉज है तो आपको एक महीने में दो मासिक धर्म होने का जोखिम बढ़ सकता है।
डॉक्टर को कब दिखाएँ
एक महीने में दो बार पीरियड्स आना हमेशा दिक्कत की बात नहीं होती, लेकिन जब भी आपको लगे कि आपके शरीर की लय गड़बड़ा रही है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इन स्थितियों में डॉक्टर के पास जरूर जाएं-पेट के निचले हिस्से में दर्द होना और कुछ दिनों के बाद भी ठीक न होना, बहुत ज़्यादा मासिक धर्म होना, मासिक धर्म के बीच में धब्बे या ब्लीडिंग हो, जो एक महीने में दो बार पीरियड्स कहलाते हैं, संभोग के दौरान दर्द होना, मासिक धर्म के दौरान काले थक्के दिखाई देना।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
