सर्दी का मौसम आते ही गुड़ की खपत बढ़ जाती है, क्योंकि इसे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। ऐसे में मिलावटखोर इसका फायदा उठाते हैं और नकली गुड़ तैयार करने में लग जाते हैं। नकली गुड़ बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स, जैसे सेफोलाइट, बहुत ही खतरनाक होते हैं और इन्हें खाने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में राजस्थान के अजमेर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने हाल ही में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 9000 किलो मिलावटी गुड़ और अवैध मिलावट के लिए इस्तेमाल होने वाला रसायन बरामद किया है। यह खतरनाक मिलावटी गुड़ एक अवैध फैक्ट्री में तैयार किया जा रहा था, जो सर्दियों में बढ़ती गुड़ की मांग का गलत फायदा उठा रही थी। मिलावट के इस खेल ने न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन किया, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न किया है।
9000 किलो नकली गुड़ और मिलावटी रसायन
यह घटना अजमेर के बागली तहसील के सीवनपानी गांव में हुई, जहां खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक छापेमारी के दौरान अवैध मिलावट फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। टीम ने वहां से 9000 किलो नकली गुड़ और सेफोलाइट नामक खतरनाक रसायन की 30 थैलियां बरामद कीं, जिनमें से प्रत्येक थैली में 1 किलो रसायन था। यह रसायन गुड़ में मिलाया जा रहा था ताकि उसका वजन बढ़ाया जा सके और उसे अधिक मुनाफे के लिए बेचा जा सके। इसके अलावा, फैक्ट्री में सड़े-गले गुड़ से भरे हुए पीपे भी मिले, जिनसे तीव्र गंध आ रही थी।
असली और नकली गुड़ की पहचान कैसे करें?
गुड़ में मिलावट के खतरे को देखते हुए यह जानना बेहद जरूरी है कि असली और नकली गुड़ को कैसे पहचाना जाए। यहां कुछ आसान तरीके दिए गए हैं, जिनसे आप गुड़ की असलियत जान सकते हैं:
रंग से पहचान
असली गुड़ का रंग गहरे भूरे या सुनहरे रंग का होता है। नकली गुड़ का रंग अधिक चमकदार पीला हो सकता है, क्योंकि इसमें रंग या केमिकल मिलाए जाते हैं।
खुशबू और स्वाद
असली गुड़ की खुशबू मीठी और प्राकृतिक होती है, जबकि नकली गुड़ में हल्की केमिकल जैसी गंध आ सकती है। इसका स्वाद भी अप्राकृतिक हो सकता है, थोड़ा कड़वा महसूस हो सकता है।
टेक्सचर (बनावट)
असली गुड़ चिकना और थोड़ा नरम होता है, जबकि नकली गुड़ कठोर और उबड़-खाबड़ हो सकता है, क्योंकि इसमें मिलावट के पदार्थ मिलाए जाते हैं।
पानी में घुलने का तरीका
असली गुड़ पानी में धीरे-धीरे घुलता है, जबकि नकली गुड़ के कुछ टुकड़े तैरते रहते हैं या जल्दी टूटकर घुलते नहीं हैं।
जलाने पर क्या होता है?
असली गुड़ जलने पर हल्की खुशबू छोड़ता है, जबकि नकली गुड़ जलने पर काली धुंआ उत्पन्न करता है और उसमें केमिकल की गंध आ सकती है।
HCL एसिड टेस्ट
FASSI की वेबसाइट के अनुसार आप एक टेस्ट ट्यूब में 2 ग्राम गुड़ और 1 एमएल HCL एसिड मिलाकर देख सकते हैं। अगर इसमें झाग नहीं बनता है, तो समझें कि गुड़ असली है। बेकिंग सोडा की पहचान करने के लिए इस प्रक्रिया को थोड़ा बदलकर अपनाएं।
नकली गुड़ के सेवन के स्वास्थ्य पर प्रभाव
नकली गुड़ खाने के कई स्वास्थ्य खतरे हो सकते हैं। इसमें मिलाए गए केमिकल्स और अशुद्धियां पाचन तंत्र पर बुरा असर डाल सकती हैं, जिससे गैस, अपच, और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, नकली गुड़ में अक्सर सेफोलाइट जैसे खतरनाक रसायन मिलाए जाते हैं, जो लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
इसके अलावा नकली गुड़ के सेवन से त्वचा पर मुंहासे, एलर्जी और खुजली जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। कुछ मामलों में यह फेफड़ों पर भी असर डाल सकता है और सांस लेने में तकलीफ या खांसी जैसी श्वसन समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। लंबे समय तक नकली गुड़ का सेवन करने से यह खून में विषैले पदार्थों को बढ़ा सकता है, जो शरीर में अन्य स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
अक्सर नकली गुड़ में ऐसे रसायन होते हैं, जिनसे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसीलिए, नकली गुड़ से बचने के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
गुड़ खरीदते समय क्या ध्यान रखें?
गुड़ खरीदते समय ध्यान रखें कि उसकी सतह पर चीनी का पाउडर न हो और वह अधिक चमकदार न हो। हमेशा भरोसेमंद दुकानों से ही गुड़ खरीदें, और खुले में बिकने वाले गुड़ से सावधान रहें। गुड़ की असलियत जानने के इन आसान तरीकों को अपनाकर आप खुद को और अपने परिवार को मिलावट से होने वाली बीमारियों से बचा सकते हैं।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल जागरूकता के लिए है और किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए हमेशा विशेषज्ञ से सलाह लें।
