इंदौर, जो अपने स्वादिष्ट खानपान के लिए मशहूर है, इन दिनों मोमोज के लिए भी सुर्खियों में है। हालांकि, हाल ही में मोमोज को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक ग्राहक ने मोमोज खाने के बाद तबियत बिगड़ने की शिकायत की। खाद्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजे हैं।
क्या है मामला
इंदौर के ट्रेजर आइलैंड स्थित बार्बी क्यू रेस्टोरेंट में विवेक महसकर अपने परिवार के साथ खाना खाने पहुंचे थे। यहां उन्होंने मोमोज का आर्डर दिया, लेकिन मोमोज खाने के बाद उनकी तबियत बिगड़ने लगी। विवेक ने तुरंत अपने स्वास्थ्य की समस्या की जानकारी अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के विधि प्रमुख सुहास पुंडलिक को दी। इसके बाद सुहास पुंडलिक और उनके साथी प्रशांत जैन रेस्टोरेंट पहुंचे और खाद्य विभाग की टीम को बुलाया। खाद्य विभाग की टीम ने तुरंत मोमोज का सैंपल लिया और जांच के लिए लैब भेजा।
कच्चे और बासी मोमोज की शिकायत
विवेक ने आरोप लगाया कि जो मोमोज उन्हें सर्व किए गए, वे न केवल बासी थे, बल्कि कच्चे भी थे। इस पर खाद्य विभाग ने उनकी शिकायत को गंभीरता से लिया और सैंपल लेकर जांच शुरू की। खाद्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
ग्राहक पंचायत का संदेश
इस घटना के बाद अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के मनोज पंवार ने कहा कि खानपान से जुड़ी किसी भी धोखाधड़ी की शिकायत सीधे खाद्य विभाग में दर्ज करानी चाहिए या ग्राहक पंचायत से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने बताया कि अगर ग्राहक सिर्फ दुकानदार से शिकायत करके मामले को टाल देते हैं, तो दुकानदार खराब गुणवत्ता का भोजन देते रहेंगे। इसलिए जागरूकता बेहद जरूरी है, ताकि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और लोगों को स्वस्थ भोजन मिल सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार खराब और कच्चे भोजन से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है, खासकर सर्दियों में जब खाद्य सामग्री जल्दी खराब हो सकती है। मोमोज जो अब इंदौर में हर आयु वर्ग के बीच बेहद लोकप्रिय हो गए हैं, अगर सही तरीके से पकाए न जाएं, तो यह पेट संबंधी समस्याएं और खाद्य विषाक्तता का कारण बन सकते हैं।
इस मामले को लेकर खाद्य विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि रेस्टोरेंट के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी और मोमोज का परीक्षण करने के बाद ही इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। खाद्य सुरक्षा की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में अन्य मामलों में भी लोगों को सुरक्षा प्रदान करेगा।
