नीलकंठ और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को जल्द ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग ने नीलकंठ उपकेंद्र को उच्चीकृत कर वहां एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह उपकेंद्र अब राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टाइप ए के रूप में कार्य करेगा, जिससे न केवल स्थानीय लोगों को, बल्कि नीलकंठ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
नीलकंठ उपकेंद्र की वर्तमान स्थिति
नीलकंठ में कई दशकों से एक स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हो रहा है, जिसमें एक फार्मासिस्ट और एक एएनएम (आशा कार्यकर्ता) तैनात हैं। इस केंद्र में मुख्य रूप से टीकाकरण और सामान्य उपचार की सेवाएं प्रदान की जाती हैं। नीलकंठ धाम में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन उपकेंद्र के सीमित संसाधनों के कारण इनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को सही तरीके से पूरा नहीं किया जा सका।
आवश्यकता और समस्याएं
नीलकंठ में उपकेंद्र होने के बावजूद, आसपास के गांवों जैसे तोली, नीलकंठ, कोठार, भादसी, मौन, भौन, जुड्डा आदि के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ऋषिकेश आना पड़ता है, जो कि 25 से 30 किमी दूर है। इस लंबी दूरी के कारण उन्हें सही समय पर उपचार नहीं मिल पाता, और कई बार यह स्थिति गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों की बढ़ती मांग को देखते हुए, शासन ने स्वास्थ्य विभाग से नीलकंठ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) खोलने के लिए प्रस्ताव मांगा था।
नया पीएचसी: सेवाओं का विस्तार
नए पीएचसी के रूप में नीलकंठ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टाइप ए स्थापित किया जाएगा, जिसमें चार बेड होंगे। इस केंद्र में दो चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट, चार नर्सिंग अधिकारी, दो वार्ड बॉय और एक सफाई कर्मचारी तैनात होंगे। यह केंद्र 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा, जिससे स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार मिल सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग इस प्रस्ताव पर काम कर रहा है और इसे जल्द ही शासन को भेजेगा। रिपोर्ट के अनुमोदन के बाद, इस केंद्र की स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
आगे की प्रक्रिया
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य नीलकंठ क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की खामियों को दूर करना और यहां रहने वाले लोगों के लिए बेहतर इलाज की व्यवस्था करना है। पीएचसी के खुलने से न केवल नीलकंठ और आसपास के गांवों के निवासी लाभान्वित होंगे, बल्कि नीलकंठ धाम आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु भी किसी स्वास्थ्य समस्या के समय मदद पा सकेंगे।
इस स्वास्थ्य केंद्र के खुलने से इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर बेहतर होगा, और स्थानीय लोगों को अब इलाज के लिए लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।
