एक तरफ जहां खराब लाइफस्टाइल और खराब खानपीन की वजह से लोग कैंसर के शिकार हो रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ मेडिकल की दुनिया में कई दवाइयां और वैक्सीन आ चुके है जिससे लोग ठीक भी हो रहे हैं। इन्हीं दवाइयों में अब एचपीवी वैक्सीन भी जुड़ गया है। जो ऑरोफरीन्जियल यानी सिर और गर्दन का भी कैंसर की बीमारी के इलाज में काफी मददगार साबित हो सकता है। दरअसल हाल ही में एक नई रिसर्च में सामने आया है कि एचपीवी वैक्सीन से ऑरोफरीन्जियल कैंसर के जोखिमों को कम किया जा सकता है। शोध में ये वैक्सीन महिलाओं की तुलना में सबसे ज्यादा पुरुषों के लिए काफी प्रभावी साबित हुआ है। आइए इस स्टडी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
क्या है पूरी स्टडी
2018 में प्रकाशित एक स्टडी में शोधकर्ताओं ने यह सुनिश्चित किया कि ऑरोफरीन्जियल कैंसर एक प्रकार का सिर और गर्दन का कैंसर है। इस स्टडी में एचपीवी वैक्सीन के एक डोज से लोगों में इसके जोखिम 88 प्रतिशत कम था। लेकिन हाल ही में की गई नई स्टडी के मुताबिक एचपीवी वैक्सीन को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। बता दें कि इस स्टडी में 9 से 39 वर्ष की आयु के 3,413,077 पुरुषों और महिलाओं पर एचपीवी वैक्सीन परीक्षण किया गया है। जिनमें से HPV टीके ने पुरुषों में HPV से संबंधित सिर और गर्दन के कैंसर की दर में 56 प्रतिशत की कमी पाई और महिलाओं में 33 प्रतिशत की कमी देखी गई है।
एमडी मैरी जुए जू ने बताया
सैन फ्रांसिस्को में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय और जुकरबर्ग सैन फ्रांसिस्को जनरल अस्पताल में हेड एंड नेक ऑन्कोलॉजी और माइक्रोवैस्कुलर सर्जन, एमडी मैरी जुए जू ने बताया कि यह स्टडी काफी रोमांचक है जो ऑरोफरीन्जियल हेड एंड नेक कैंसर के खिलाफ Gender-neutral vaccinations के लाभों की साबित करता है। साथ ही उन्होंने बताया कि संयुक्त राज्य अमेरिका में एचपीवी से संबंधित सिर और गर्दन के कैंसर की घटनाएं अब एचपीवी से संबंधित गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से अधिक हो गई हैं। वहीं पिछले कुछ दशकों में संयुक्त राज्य अमेरिका में ऑरोफरीन्जियल कैंसर की घटनाएं बढ़ रही हैं।
HPV वैक्सीन लगाने का समय
लड़कियों और लड़कों दोनों को 11 या 12 वर्ष की आयु में एच.पी.वी. टीका लगवाना चाहिए। हालांकि वे 9 वर्ष की आयु से भी टीका लगवाना शुरू कर सकते हैं।
HPV वैक्सीन क्यों लगाया जाता है
दरअसल एच.पी.वी. वैक्सीन एक ऐसी वैक्सीन है जिसे मूल रूप से मानव पेपिलोमावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए अप्रूव किया गया था जो महिलाओं में लगभग सभी गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से जुड़ा हुआ है। इतना ही नहीं यह वैक्सीन ओरल एचपीवी इन्फेक्शन से भी सुरक्षा प्रदान कर सकता है जो महिलाओं और पुरुषों दोनों में ऑरोफरीन्जियल कैंसर की प्रमुख वजह है।
