जो लोग नौकरी या पढ़ने के लिए घर से दूर कहीं बाहर रहते हैं। वे लोग अक्सर अपने समय की बचत करने के लिए फ्रोजन चीजें खरीदते हैं। जरूरत पड़ने पर वे फ्रोजन चीजों का यूज़ करते हैं। ऐसे में ये खर्चे वाला काम भी है। दरअसल आज कल हर कोई अपना समय बचाने के लिए एक साथ ही हफ्ते भर की सब्जी खरीद कर रख लेते हैं। वहीँ बता दें स्वस्थ और अच्छी डाइट में ताजा फल और सब्जियां बेहद जरूरी हैं। ऐसे में ये फ्रोजन फूड कितना हेल्दी है या नहीं, ये सवाल ज्यादातर लोगों के मन में रहता ही है।
फ्रोजन फूड का भी हो सकता है फायदा
दरअसल, एक्सपर्ट्स के मुताबिक ताजा सब्जियों या फलों के जितना तो नहीं लेकिन फ्रोजन फल और सब्जियां कुछ मामलों में फायदेमंद रहती हैं। ताजा सब्जी या फल आने-जाने या स्टोरेज के दौरान अपने पोषक तत्वों को खो देती हैं। लेकिन फ्रोजन सब्जियां आमतौर पर कटाई के तुरंत बाद जमा दी जाती हैं, इससे इनकी पोषक सामग्री ज्यादा समय तक बची रहती है। बता दें विटामिन सी और ई, जो समय के साथ ताजा फल या सब्जी में कम हो सकते हैं, अक्सर अपने फ्रोजन वालों में संरक्षित होते हैं। वहीँ कैल्शियम, आयरन और मैग्नीशियम जैसे खनिज फ्रोजन हुए और ताजा फल-सब्जी दोनों में समान स्तर पर रहते हैं।
जमे हुए फलों और सब्जियों का एक और बेनिफिट यह है कि वे भोजन की बर्बादी को कम करने का काम करते हैं क्योंकि आप किसी भी समय केवल वही उपयोग कर सकते हैं जिसकी आपको जरूरत है।
चीजों को खुद भी किया जा सकता है फ्रीज
आप फ्रोजन फूड सुपरमार्केट से खरीद सकते हैं। इतना ही नहीं आप फ्रेश फलों या सब्जियों उत्पाद को खुद भी फ्रीज कर सकते हैं। अगर आप जरूरत से ज्यादा तन्जी फल और सब्जी ले आये हैं तो उन्हें फ्रिज में रखने से पहले आप ब्लैंचिंग कर सकते हैं, इससे गुणवत्ता में सुधार होगा।
वहीँ जबकि जमी हुई सब्जियां सलाद के लिए सही नहीं मानी जाती है। इनका उपयोग आप पके हुए खाने जैसे सूप, स्टू, कैसरोल, करी, पाई और क्विचेस में करे तो जायदा बेहतर रहता है। जमे हुए फलों को अनाज या दही जैसे नाश्ते के लिए यूज़ किया जा सकता है।
फ्रोजन फूड को स्टोर करते हुए इन बातों का रखें ध्यान
एडिटिव्स को चेक करें
कई फ्रोजन फूड्स में अलग से प्रेजरवेटिव, सोडियम और शुगर होते हैं। इन एडिटिव्स के बारे में आपको पता होना जरुरी है। खरीदने से पहले पैकेट का लेबल भी पढ़ें।
स्टोरेज
सुनिश्चित करें कि भोजन को स्टोर रखने के लिए आपका फ्रीजर 0°F (-18°C) या उससे कम तापमान पर सेट होना चाहिए। स्टोरेज टेम्परेचर गलत होने की वजह से उन फूड के खराब होने का खतरा रहता है। साथ ही उसमें बैक्टीरिया भी पनप सकते हैं।
डिफ्रोज अच्छे से करते रहें
बीमारियों से बचने के लिए जमे हुए खाने को सुरक्षित रूप से डिफ्रोज करना जरुरी होता है। सबसे अच्छे तरीकों में रेफ्रिजरेटर में, ठंडे पानी में या माइक्रोवेव में पिघलाना सही है।
री-फ्रीजिंग करें
एक बार जब आप फ्रोज़न हुए फूड को पिघला लेते हैं, तो इसे दोबारा ज़माने की कोशिश न करें। खासकर अगर इसे लंबे समय तक रूम टेम्परेचर पर छोड़ दिया गया हो तब। इससे उसका स्वाद बिगड़ सकता है और उसको खाने के बाद आप बीमार भी हो सकते हैं।
ज्यादा पकाने से बचें
जमी हुई सब्जियों को ज्यादा पकाने से उसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। कम से कम पानी के साथ भाप में पकाने या माइक्रोवेव करने से उनके पोषण तत्व नहीं रहते हैं।
