‘संडे हो या मंडे रोज खाओ अंडे’ यह कहावत तो हम सबने सुनी है। रोज अंडा खाना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है इससे सेहत में सुधार होगा, इम्यूनिटी मजबूत होगी और बीमारी का खतरा भी कम होगा। इसके अलावा अंडे में प्रोटीन और कई सारे हेल्दी न्यूट्रिएंट्स मौजूद होते हैं जो शरीर में किसी भी तरह के पोषक तत्व की कमी नहीं होने देते लेकिन क्या यह बात आप जानते हैं कि जरुरत से ज्यादा अंडा खाना आपकी सेहत के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है। आज आपको इस आर्टिकल के जरिए बताते हैं कि रोज अंडे खाने से सेहत पर क्या-क्या प्रभाव पड़ेगा।

एलर्जी

शायद आपको यह जानकर काफी हैरानी होगी कि कई लोगों को अंडे से एलर्जी भी होती है और उन्हें इसकी जानकारी नहीं होती। असल में, इसे आप एलर्जी कॉजिंग फूड भी कह सकते हैं यदि ज्यादा मात्रा में इसे खाया जाए तो आपको स्वेलिंग, रैशेज या पित्त की समस्या होती है तो समझ जाएं कि आपको अंडे से एलर्जी है। ऐसी परिस्थिति में आप अंडा खाने से बचें। यदि रोज एक अंडा खाना चाहते हैं तो बेहतर होगा कि अपनी हेल्थ कंडीशन के बारे में एक्सपर्ट से सलाह लें। इसके बाद ही अंडे को अपनी बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बनाएं।

कोलेस्ट्रॉल

अंडे में डाइट्री कोलेस्ट्रॉल की मात्रा काफी होती है। यदि आप रोजाना और ज्यादा मात्रा में अंडे खाते हैं तो ऐसे में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है। आपको बता दें कि एक अंडे में लगभग 200 मिलिग्राम कोलेस्ट्रॉल होता है हालांकि, अंडे का सेवन करने से बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा नहीं बढ़ती बल्कि गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है लेकिन, यदि किसी को पहले से हाई कोलेस्ट्रॉल की दिक्कत है, तो उन्हें इसका सेवन करने से बचना चाहिए।

पाचन संबंधी समस्याएं

रोजाना अंडा खाना भले ही फायदेमंद हो लेकिन ज्यादा मात्रा में इसे खाने से पाचन संबंधी समस्या होने का खतरा रहेगा। जो लोग ज्यादा मात्रा में अंडे खाते हैं, उन्हें पेट दर्द, गैस की समस्या और फूड प्वॉइजनिंग हो सकती है खासकर, उन लोगों को रोज अंडा खाने से बचना चाहिए, जिन्हें अंडे से एलर्जी है। ऐसी स्थिति में अंडा खाने से आईबीएस यानी इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम की समस्या हो सकती है। इसका मतलब है कि डाइरिया हो सकता हैं। वहीं, अंडे में फैट काफी ज्यादा होता है इसलिए, अगर आपकी संतुलित डाइट में फाइबर की कमी है, तो अंडे की वजह से आपको कब्ज की शिकायत भी हो सकती है।

डायबिटीज

वैसे तो अंडे में मिनरल्स और कई तरह के पोषक तत्व होते हैं। इसमें बायोटिन नाम का एमिनो एसिड भी मौजूद होता है। यह इंसुलिन प्रोडक्शन में अहम भूमिका निभाता है इसलिए, सीमित मात्रा में अंडे का सेवन करने से ब्लड शुगर का स्तर मैनेज रहेगा। वहीं, यदि आप इसका सेवन ज्यादा मात्रा में करते हैं, तो ऐसे में डायबिटीज के मरीजों में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ सकता है जाहिर है, यह स्थिति सही नहीं है यहां तक कि यदि कोई प्री-डायबिटिक है, तो उन्हें भी सीमित मात्रा में ही अंडे का सेवन करना चाहिए। ऐसा न करने पर डायबिटीज का जोखिम बढ़ जाएगा।

इंफेक्शन

कई लोग आधा पका अंडा खाते हैं, जैसे हाफ बॉएल्ड एग या आधा पका ऑमलेट जिन लोगों को अक्सर पाचन संबंधी समस्या रहती है, उन्हें आधा पका अंडा नहीं खाना चाहिए। हाफ कुक्ड अंडा खाने से साल्मोनेला संक्रमा होने का खतरा बढ़ जाता है। इस तरह की समस्या होने पर आपको नॉजिया, उल्टी और पेट दर्द की परेशानी हो सकती है। अगर अंडा खाना है तो सीमित मात्रा में और पूरा पका हुआ खाएं। यह ज्यादा फायदेमंद साबित होगा।

इस बात का भी रखें ध्यान

कुल मिलाकर कहना यही है कि हर व्यक्ति को अंडे का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। अधिक मात्रा में इसका सेवन करना सेहत के लिए नुकसानदायक होगा। इसकी वजह से कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर स्पाइक करेगी वहीं, इसकी वजह से संक्रमण और एलर्जी का जोखिम भी बना रहेगा। आपको एक दिन में कितना अंडा खाना चाहिए, यह आपकी हेल्थ पर निर्भर करता है। ऐसे में बेहतर है कि आप डाइटिशियन की मदद से यह जानें कि आपकी हेल्थ के लिए एक दिन में कितना अंडा फायदेमंद होगा।

By tnm

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