दिल्ली में इस साल डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हर सप्ताह लगभग 500 नए डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं, और हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार राजधानी में डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 4,000 के पार पहुंच चुका है। पिछले सप्ताह ही डेंगू के 480 नए मामले दर्ज किए गए, जिससे यह साफ हो गया है कि मच्छरजनित बीमारियों, खासकर डेंगू का खतरा अब और बढ़ सकता है। इसके अलावा मलेरिया और चिकनगुनिया के भी नए मामले सामने आए हैं। पिछले सप्ताह मलेरिया के 23 और चिकनगुनिया के 24 नए मरीज पाए गए।
बढ़ते मामलों से नागरिकों में चिंता
इस साल डेंगू के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। अक्टूबर महीने में डेंगू के 2,431 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले चार सालों में सबसे अधिक हैं। इस आंकड़े से यह साफ है कि डेंगू का प्रकोप इस बार अधिक खतरनाक हो सकता है। 2023 में डेंगू के 2,431 मामले सामने आए, जबकि पिछले साल (2022) में यह आंकड़ा 1,238 था, 2021 में 1,196, और 2020 में सिर्फ 341 मामले ही रिपोर्ट किए गए थे। यह आंकड़े दिल्ली के नागरिकों के लिए चिंता का विषय बन चुका है।
अगर इस स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो नवंबर के महीने में भी डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों के मामले बढ़ सकते हैं। आमतौर पर तापमान में गिरावट के बाद मच्छरों की सक्रियता कम हो जाती है और बीमारियों के मामले घटते हैं, लेकिन इस बार डेंगू के मामलों में गिरावट नहीं आ रही है, जिससे नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के मामले
हाल ही में हुई रिपोर्ट के मुताबिक पिछले सप्ताह डेंगू के 480 नए मरीजों में से 467 मरीज एमसीडी (Municipal Corporation of Delhi) इलाकों से हैं, जबकि 1 मरीज एनडीएमसी (New Delhi Municipal Corporation) क्षेत्र का है। इसके अलावा 12 मरीज दिल्ली कैंट इलाके से हैं। चिकनगुनिया और मलेरिया के भी नए मामले एमसीडी इलाकों में ही सामने आए हैं। चिकनगुनिया के 24 और मलेरिया के 23 नए मामले एमसीडी क्षेत्र से ही रिपोर्ट किए गए हैं।
एमसीडी का मच्छररोधी अभियान
एमसीडी (Municipal Corporation of Delhi) ने मच्छरों के उत्पत्ति को रोकने के लिए कई उपाय किए हैं। इस वर्ष अब तक 21 लाख से अधिक बार मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव (फॉगिंग) किया गया है। इसके अलावा 3.35 करोड़ से अधिक घरों में जाकर मच्छरों के लार्वा के ब्रीडिंग स्थानों की जांच की गई है। एमसीडी का उद्देश्य मच्छरजनित बीमारियों को नियंत्रित करना है, लेकिन इसके बावजूद डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों में कमी नहीं आ रही है।
डेंगू से बचाव के सरल उपाय
यदि आप डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों से बचना चाहते हैं, तो कुछ सरल उपायों का पालन करना बेहद जरूरी है। यहां कुछ प्रभावी तरीके दिए जा रहे हैं जिनसे आप और आपके परिवारवाले मच्छरों से बच सकते हैं:
पानी जमा न होने दें
घर के आसपास या बर्तनों में पानी जमा न होने दें, क्योंकि मच्छरों के लार्वा पानी में ही पनपते हैं। अगर कहीं पानी जमा हो तो उसे तुरंत निकाल दें और बर्तनों को ढककर रखें।
मच्छरदानी का उपयोग करें
रात में सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। यह मच्छरों को अंदर आने से रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
इंसेक्ट रिपेलेंट का प्रयोग करें
मच्छरों के पनपने वाले स्थानों पर इंसेक्ट रिपेलेंट का इस्तेमाल करें। यह मच्छरों को दूर रखने में मदद करेगा।
लंबी आस्तीन वाले कपड़े पहनें
सुबह और शाम के समय जब मच्छर सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं, तो ढके हुए और लंबी आस्तीन वाले कपड़े पहनें।
फॉगिंग की नियमित जांच
घरों और आसपास के क्षेत्रों में मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव (फॉगिंग) करवाना सुनिश्चित करें। इससे मच्छरों की संख्या कम करने में मदद मिलती है।
स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता
डेंगू के लक्षण जैसे तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते आदि दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय रहते उपचार से डेंगू के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
