हिमाचल प्रदेश के बालीचौकी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो चुकी हैं। स्वास्थ्य केंद्र की सुविधाओं का लगातार खराब होना स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बन चुका है। इस पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि अगर अगले सात दिनों में सीएचसी बालीचौकी में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार नहीं किया गया, तो पार्टी प्रशासन और सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं की बुरी हालत
माकपा के राज्य सदस्य महेंद्र राणा ने कहा कि बालीचौकी क्षेत्र के हजारों लोग, जो स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर थे, अब इलाज के लिए 50 से 150 किलोमीटर दूर स्थित मंडी और कुल्लू के अस्पतालों में जाने को मजबूर हैं। बालीचौकी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद यहां स्वास्थ्य सुविधाएं ना के बराबर हैं, जिससे स्थानीय लोगों को बहुत परेशानी हो रही है।
बालीचौकी सीएचसी पर मंडी और कुल्लू दो जिलों की 50 पंचायतों के हजारों लोगों का स्वास्थ्य जिम्मा है। लेकिन स्वास्थ्य केंद्र की हालत इतनी खस्ता है कि यहां आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। राणा ने यह भी बताया कि रात के समय अगर कोई मरीज गंभीर रूप से बीमार हो जाए या हादसे में घायल हो जाए तो उसे इलाज के लिए केवल मंडी या कुल्लू के अस्पतालों पर ही निर्भर रहना पड़ता है।
सीएचसी में चिकित्सक की कमी
बालीचौकी सीएचसी में फिलहाल मात्र दो चिकित्सक हैं, जबकि यहां प्रतिदिन 400 से ज्यादा मरीजों की ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) होती है। इतने अधिक मरीजों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने यहां एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं की है, जो गंभीर चिंता का विषय है। महेंद्र राणा ने बताया कि पूर्व सरकार ने इसे नागरिक अस्पताल के रूप में घोषित किया था, लेकिन बाद में सरकार ने इसे फिर से सीएचसी का दर्जा बहाल कर दिया। बावजूद इसके आज तक यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं की गई है, जो जनता के लिए बेहद निराशाजनक स्थिति है।
माकपा की चेतावनी
माकपा नेता महेंद्र राणा ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर एक सप्ताह के भीतर बालीचौकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाएं सुधारी नहीं जातीं और 24 घंटे की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं, तो पार्टी 14 नवंबर से आंदोलन शुरू कर देगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक बालीचौकी में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल जातीं।
स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बालीचौकी सीएचसी में आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों और अन्य स्टाफ की तैनाती के लिए विभागीय अधिकारियों को अवगत किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि स्वीकृति मिलने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती जल्द की जाएगी। हालांकि, विभाग ने यह भी कहा कि यह तैनाती स्वीकृति मिलने के बाद ही संभव हो पाएगी।
