भोजपुरी संगीत की जानी-मानी गायिका शारदा सिन्हा की अस्पताल में भर्ती होने की खबर से उनके प्रशंसकों में चिंता और दुख की लहर दौड़ गई है। दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती शारदा सिन्हा की हालत गंभीर बताई जा रही है। उनकी स्थिति ने उनके चाहने वालों को भावुक कर दिया है, खासकर छठ पूजा के समय जब उन्होंने अपने मधुर गीतों से लाखों लोगों का मन मोह लिया है।

शारदा सिन्हा भारतीय भोजपुरी संगीत इंडस्ट्री की एक प्रमुख शख्सियत हैं। उन्होंने कई मशहूर फिल्मों जैसे “हम आपके हैं कौन”, “मैंने प्यार किया”, और “गैंग्स ऑफ वासेपुर” के लिए गाने गाए हैं। शारदा सिन्हा पिछले कुछ वर्षों से मल्टीपल मायलोमा नामक बीमारी से जूझ रही हैं, जो कि एक प्रकार का रक्त कैंसर है और मुख्य रूप से रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करता है। यह बीमारी उन्हें 2018 से परेशान कर रही है, और हाल ही में उनकी स्थिति बिगड़ गई है, जिसके चलते वे ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं।

मल्टीपल मायलोमा क्या है

मल्टीपल मायलोमा एक प्रकार का कैंसर है जो प्लाज्मा कोशिकाओं पर असर डालता है। ये कोशिकाएं हमारी इम्यून सिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं और बोन मैरो में पाई जाती हैं। इस बीमारी में मायलोमा कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ती हैं, जिससे शरीर में कई समस्याएं उत्पन्न होती हैं। ये कैंसर कोशिकाएं शरीर में इम्युनोग्लोबुलिन (एंटीबॉडी) के उत्पादन को प्रभावित करती हैं, जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर पड़ जाती है।

मल्टीपल मायलोमा के लक्षण

पीठ, पसलियों, और कूल्हों में दर्द होना

रक्त में एनीमिया के कारण थकान महसूस होना

इम्युनोग्लोबुलिन के स्तर में कमी के कारण संक्रमण का खतरा

गुर्दे पर दबाव डालने वाली मायलोमा कोशिकाएं, जिससे गुर्दे की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है

हड्डियों की कमजोरी के कारण फ्रैक्चर का जोखिम होना

रक्त में उच्च कैल्शियम और प्रोटीन का स्तर होना

मल्टीपल मायलोमा का कारण

इस बीमारी का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह मुख्य रूप से 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों में अधिक पाया जाता है। यदि परिवार में किसी को यह बीमारी हो, तो इसका जोखिम बढ़ सकता है।

उपचार के तरीके

कीमोथेरपी

कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए।

स्टेम सेल ट्रांसप्लांट

रोगी के बोन मैरो को पुनर्स्थापित करने के लिए।

इम्यूनोथेरेपी

प्रतिरक्षा प्रणाली को कैंसर से लड़ने में मदद करने वाली दवाएं।

दर्द प्रबंधन

दर्द को कम करने के लिए दवाएं।

डायग्नोसिस

मल्टीपल मायलोमा का पता लगाने के लिए रक्त परीक्षण और बोन मैरो परीक्षण का उपयोग किया जाता है। ये परीक्षण डॉक्टरों को रोग की स्थिति और गंभीरता का आकलन करने में मदद करते हैं।

भोजपुरी संगीत की इस महान प्रतिभा के लिए उनके प्रशंसक प्रार्थना कर रहे हैं कि वे जल्द से जल्द इस बीमारी पर काबू पाएं और फिर से अपने मधुर गानों से सबका दिल जीतें। शारदा सिन्हा की संगीत यात्रा और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजरें बनी रहेंगी, और उम्मीद है कि वे जल्दी ठीक होंगी।

By tnm

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