स्वास्थ्य अधिकारी इस बात पर जोर देते हैं कि रोज टहलने से दिल से जुड़ी बीमारियों का जोखिम काफी हद तक कम होता है। रिसर्च से यह पता चलता है कि दिन में सिर्फ 40 मिनट पैदल चलने से दिल की बीमारी की संभावना 25% तक कम हो जाती है। दिल से जुड़ी बीमारियां, डायबिटीज को काफी हद से सिर्फ वॉक करने से कंट्रोल किया जा सकता है।

हार्ट संंबंधी बीमारियां

15-20 साल की उम्र के युवाओं में हृदय संबंधी समस्याओं में 200% की वृद्धि हुई है जिससे ऐसे देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति पैदा हो गई है, जहां 50% आबादी 25 वर्ष से कम आयु की है। यह गलत धारणा न मानना ​​जरुरी है कि जिम में घंटों बिताना हृदय स्वास्थ्य के लिए काफी है जबकि व्यायाम से दिखावट में सुधार होता है और मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है। चलना और योग को शामिल करना वास्तविक हृदय सुरक्षा और शक्ति के लिए जरुरी है।

हार्ट हेल्थ के लिए जरुरी है एक्टिविटी

जैसे-जैसे प्रदूषण का स्तर बढ़ जा रहा है, हृदय स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कुछ उपाय करना जरुरी है जैसे कि नियमित रूप से टहलना और सूचित जीवनशैली विकल्प बनाना समग्र स्वास्थ्य को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करेगा और इस चुनौतीपूर्ण वातावरण में हृदय रोग के जोखिम को कम करेगा।

कोविड-19 के बाद बढ़ी दिल संंबंधी बीमारियां

कोविड-19 के बाद दिल के दौरे के मामलों में 300% की वृद्धि को दर्शाने वाले चौंकाने वाले आंकड़ों से और भी बढ़ जाते हैं। कई व्यक्ति बिना किसी लक्षण के गंभीर रुकावटों से पीड़ित हैं जिससे भारत हृदय रोग के प्रसार में अग्रणी देश बन गया है। वैश्विक स्तर पर दिल के दौरे से होने वाली मौतों में से 20% भारत में होती हैं जहां हृदय संबंधी समस्याएँ पश्चिमी देशों की तुलना में एक दशक पहले शुरू होती हैं।

ये करें काम

50-60 सीढ़ियां चढ़ें, लगातार 20 स्क्वाट करें और पकड़ की ताकत की जांच करवाएं। लाइफस्टाइल में बदलाव हृदय स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

By tnm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *