व्रत हों या कोई पावन त्योहार अक्सर भारत के लोग इन दिनों प्याज और लहसुन को खाने से बचते हैं। शास्त्रों में भी इन्हें तामसिक कहा गया है। प्याज और लहसुन का इस्तेमाल घरों में खाना बनाने में किया जाता है। प्याज में बहुत तरह के विटामिन पाए जाते हैं और ये एंटी ऑक्सीडेंट का खजाना भी है। प्याज के रस में एंटी सेप्टिक के गुण पाए जाते हैं। वहीं लहसुन में विटामिन सी, बी6, सेलेनियम, जिंक आदि पाए जाते हैं, लेकिन मान लीजिए कि कोई इसे 1 महीने तक न खाए तो उसके शरीर पर क्या असर पड़ेगा? चलिए जानते हैं।
प्याज और लहसुन न खाने के प्रभाव

प्याज और लहसुन सेहत के लिए पौष्टिक माने जाते हैं, लेकिन इनमें कुछ ऐसे कंपाउंड पाए जाते हैं जे पचाने में मुश्किल होते हैं। इनमें फ्रुक्टे होता है जो एक तरह का क्राबोहाइड्रेट होता है। जो लोग सेंसिटिव होते हैं उन्हें नुकसान होता है।
इनकी तासीर गर्म होती है, जिससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है। इसे न खाने से शरीर का तापमान ठीक रहेगा। आर्युवेद का मानना है कि प्याज और लहसुन जैसी तामसिक और राजसिक चीजें खाने से बेचैनी और एंग्जाइटी की समस्याएं होती हैं, इसलिए इनके सेवन से बचना चाहिए। इनके सेवन से एंटी बैक्टीरियल वैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं और आंतों का बैलेंस भी खराब हो जाता है। जिससे इम्यूनिटी नष्ट हो सकती है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
