ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने भारतीय प्रवासियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा है कि ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) भारतीय मूल के लोगों की कर्जदार है। उन्होंने यह बयान बुधवार को लंदन में इंडिया ग्लोबल फोरम (आईजीएफ) के वार्षिक दिवाली समारोह में दिया। स्ट्रीटिंग ने कहा कि भारतीय प्रवासियों ने पिछले 76 वर्षों में एनएचएस के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और भारत के साथ मजबूत साझेदारी ब्रिटेन की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को भविष्य में और भी बेहतर बनाने में मदद करेगी।

एनएचएस में भारतीय प्रवासियों का योगदान

स्वास्थ्य मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि जब मैं एनएचएस के विकास के बारे में सोचता हूं, तो मुझे यह स्पष्ट होता है कि हम भारतीय प्रवासियों के प्रति बहुत ऋणी हैं। एक पीढ़ी ने 1948 में एनएचएस की नींव रखने में मदद की थी, और आज हम उनके बच्चों, पोते और परपोते को देख रहे हैं, जो इसके भविष्य को आकार दे रहे हैं। उनका यह बयान इस तथ्य को उजागर करता है कि एनएचएस में भारतीय या भारतीय मूल के डॉक्टरों को केंद्रीय भूमिका में देखा जाता है।

ब्रिटिश एसोसिएशन ऑफ फिजीशियन ऑफ इंडियन ऑरिजन के अनुसार एनएचएस में लगभग 40,000 भारतीय मूल के डॉक्टर कार्यरत हैं। यह संख्या इंगित करती है कि भारतीय प्रवासी समुदाय का स्वास्थ्य सेवा में कितना महत्वपूर्ण योगदान है।

भारत-यूके वैक्सीन साझेदारी

स्ट्रीटिंग ने अपने भाषण में भारत की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा, अनुसंधान, और नवाचार के क्षेत्रों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन को इन क्षेत्रों में भारत से सीखने की आवश्यकता है। खासकर कोरोना महामारी के दौरान भारत और ब्रिटेन के बीच वैक्सीन साझेदारी को उन्होंने एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा विकसित किए गए टीके आज दुनिया के कुछ सबसे गरीब हिस्सों में लोगों की जान बचा रहे हैं।

यह साझेदारी न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग का प्रतीक है, बल्कि यह इस बात का भी उदाहरण है कि कैसे दो देश मिलकर वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।

दिवाली का महत्व

स्ट्रीटिंग ने दिवाली के अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जब हम अपनी स्वास्थ्य सेवा में चुनौतियों का सामना करते हैं, तो यह महसूस करना आसान है कि हम संकट में हैं। लेकिन दिवाली उस अंधकार पर प्रकाश की जीत का जश्न मनाने का एक शानदार समय है। यह वक्तव्य ब्रिटेन में भारतीय संस्कृति के महत्व को भी दर्शाता है, जहां भारतीय समुदाय ने न केवल सांस्कृतिक, बल्कि आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

भविष्य की दिशा

ब्रिटिश स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भविष्य के स्वास्थ्य सेवा में भारत के साथ सहयोग जारी रखना आवश्यक है। उनकी यह टिप्पणी ब्रिटेन और भारत के बीच स्वास्थ्य संबंधी सहयोग को मजबूत करने के लिए एक सकारात्मक संकेत है। साथ ही यह भी दर्शाता है कि कैसे दोनों देशों को एक-दूसरे की स्वास्थ्य सेवाओं से लाभ उठाने का अवसर मिलेगा।

इस तरह वेस स्ट्रीटिंग का यह बयान भारतीय प्रवासियों के योगदान को मान्यता देने के साथ-साथ भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में निपुणता को भी उजागर करता है। यह भारत और ब्रिटेन के बीच स्वास्थ्य सेवा में साझेदारी को और अधिक मजबूत करने के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो भविष्य में वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में सहायक सिद्ध होगा।

By tnm

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