क्या आपका बच्चा भी बहुत ज्यादा गेम खेलता है और वो गेम खेलने के लिए फोन का यूज करता है या मॉल्स के गेम जोन में जाता है। अगर हां तो यह खबर आपके लिए है। दरअसल बीते कुछ दिन पहले ही गुजरात के राजकोट में TRP गेम जोन में लगी भयंकर आग की चपेट में आने से 28 लोगों की मौत हो गई है। जिसमें से 12 बच्चे भी थे। इस दर्दनाक हादसे के बाद गुजरात सरकार ने राज्य के सभी गेम जोन को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है।
ऐसा इसलिए क्योंकि गेम जोन अग्निकांड में जिस तरीके से बच्चों के मौतों का आंकड़ा सामने आया है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि आज के समय में बच्चों को गेम की कितनी लत लग चुकी है। ऐसे में आइए जानते हैं बच्चों में गेम खेलने की लत क्यों बढ़ रही है और यह सेहत को किस तरह से प्रभावित करती है।
जानें क्यों बढ़ रहा है बच्चों गेम की लत
बीते कुछ समय से बच्चे मोबाइल पर गेम और मॉल में इंडोर गेम खेलना बहुत ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें गेम खेलने में काफी मजा आता है। दरअसल गेम खेलते समय डोपामाइन रिलीज होता है। बता दें कि ये एक न्यूरो ट्रांसमीटर है जो शरीर को दिमाग को सुखी और खुश महसूस कराता है। यही वजह है कि बच्चों को गेम खेलने की लत लग जाती है और वो चाह कर भी नहीं छोड़ पाते हैं।
गेम की लत सेहत को किस तरह से प्रभावित करता है
मेंटल हेल्थ को खराब होना
डिप्रेशन और एंजाइटी की समस्या होना
बच्चों में चिड़चिड़ापन आना
मेंटल हेल्थ के साथ-साथ फिजिकल हेल्थ खराब होना
हार्ट से जुड़ी बीमारी होने का जोखिम बढ़ना
हार्ट बीट तेज होना
क्या है गेम की लत लगने के लक्ष्ण
गेम खेलने से रोकने पर गुस्सा आना और उदास होना या चिड़ जाना
परिवार या दोस्तों को टाइम न देना
परिवार और दोस्तों से गेम के बारे में ही ज्यादा बात करना
नींद कम आना
