सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री जन औषधि योजना का उद्देश्य आम जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराना है। हाल ही में इस योजना के अंतर्गत डोंगरगढ़ विकासखंड में जन औषधि केंद्रों की बैठक का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में किया गया। बैठक का संचालन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ. नेतराम नवरतन के नेतृत्व में हुआ, जिसमें जिले के जन औषधि केंद्रों की समीक्षा की गई।

जन औषधि केंद्रों की स्थापना का मूल उद्देश्य

बैठक में डॉ. नवरतन ने बताया कि जन औषधि केंद्रों की स्थापना का मूल उद्देश्य है कि सभी नागरिकों को आवश्यक दवाइयां उचित दरों पर उपलब्ध हों। इस दिशा में राजनांदगांव में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में 10 दवा दुकानों का सफल संचालन किया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से रोगियों को उच्च गुणवत्ता की जीवन रक्षक दवाइयों का लाभ सस्ती कीमत पर मिल सकेगा।

लोगों को ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुंचाना

डॉ. नवरतन ने बताया कि सरकार की यह योजना नागरिकों को ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई है। हम सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में जन औषधि केंद्रों को खोलने की प्रक्रिया तेज कर रहे हैं। इसके लिए रेडक्रॉस या जीवनदीप समिति के सहयोग से कार्य किया जाएगा।

बैठक में शामिल हुए ये लोग

बैठक में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों से संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया, जिसमें जिला अस्पताल से सिविल सर्जन और मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रतिनिधि शामिल थे। इसके अतिरिक्त खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

सस्ती कीमतों में दवाई उपलब्ध करवाना

इस योजना के तहत जन औषधि केंद्रों में दवाओं की उपलब्धता की गुणवत्ता और सस्ती कीमतों को सुनिश्चित किया जाएगा। स्वास्थ्य अधिकारीयों ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे केंद्रों का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों में भी किया जाएगा ताकि सभी वर्गों के लोग लाभ उठा सकें। वहीं सरकार की इस पहल का उद्देश्य दवाइयों की कीमतों में कमी लाना और लोगों को उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करना है। जन औषधि केंद्रों की स्थापना से न केवल चिकित्सा क्षेत्र में सुधार होगा, बल्कि यह लोगों की आर्थिक स्थिति पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा।

अधिक से अधिक जन औषधि केंद्र खोले जाएं

अंत में डॉ. नवरतन ने सभी अधिकारियों से यह अपेक्षा की कि वे इस योजना के तहत अधिक से अधिक जन औषधि केंद्रों को खोलने में तत्परता दिखाएं, ताकि हर नागरिक को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां मिल सकें। बैठक में चर्चा की गई उपायों के तहत जन औषधि केंद्रों के संचालन को लेकर अधिकारियों ने अपनी प्रतिबद्धता जताई, और इसे जिले के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना।

इस प्रकार जन औषधि केंद्रों की स्थापना और उनका संचालन न केवल सरकार की स्वास्थ्य सेवा सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह समाज के सभी वर्गों के लिए सस्ती दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल भी है।

By tnm

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