एनेस्थीसिया का नाम हर किसी ने सुना होगा। किसी भी सर्जरी से पहले एनेस्थीसिया (anaesthesia) दिया जाता है, जिससे बॉडी के उस हिस्से या व्यक्ति को सुन्न, बेहोश किया जाता है। इसकी मदद से डॉक्टर आसानी से अपना काम कर पाते हैं और मरीज को भी कोई समस्या नहीं होती। एनेस्थीसिया के बिना कोई भी बड़ा ऑपरेशन नहीं होता।

लोगों के बीच इसकी जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल विश्व एनेस्थीसिया दिवस मनाया जाता है और इस बार एनेस्थीसिया और कैंसर की देखभाल थीम पर ये दिन मनाया जा रहा है, जो कैंसर के इलाज में एनेस्थीसिया की अहम भूमिका दिखाता है।

World Anaesthesia Day

सर्जरी के दौरान मरीजो को बेहोश या सुन्न करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है, ये एक मेडिकल प्रोसेस है। स्क्रीनिंग जैसे बायोप्सी में भी ये दिया जाता है। इसकी वजह से मरीज को दर्द महसूस नहीं होता। कैंसर के लगभग 80% मरीजों को इलाज के दौरान एनेस्थीसिया दिया जाता है।

इसे देने के लिए डॉक्टर द्वारा एनेस्थेटिक्स नाम की दवा का इस्तेमाल किया जाता है। जिसे रीड की हड्डी में इंजेक्शन के थ्रू डाला जाता है। कुछ समय बाद जब इसका असर कम होता है तो मरीज को होश आता है।

History

आपको जैसे ऊपर बताया गया कि हर साल 16 अक्टूबर को वर्ल्ड एनेस्थीसिया डे मनाया जाता है। इसकी स्थापना वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ सोसाइटी ऑफ एनेस्थेसियोलॉजिस्ट (WFSA) ने की थी। 16 अक्तूबर 1846 के दिन अमेरिकी डेंटिस्ट और फिजिशियन विलियम थॉमस ग्रीन मॉर्टन ने डायथाइल ईथर एनेस्थीसिया का प्रदर्शन किया था। ये घटना मेडिकल हिस्ट्री में इतिहास बताई जाती है, इसलिए तब से इस दिन को वर्ल्ड एनेस्थीसिया डे के रूप में मनाया जाता है।

Importance of Anaesthesia

एनेस्थीसिया गैस और वाष्प के रूप में होती है। इसे इंजेक्शन के जरिए या कई बार मरीज को सूंघाया भी जाता है। जिसके बाद मरीज गहरी नींद में चला जाता है और सर्जरी आराम से हो पाती है। मरीज को दर्द का अहसास नहीं होता, इसलिए इसका बहुत महत्व है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

By tnm

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