बीते कुछ दिनों से लगातार हॉस्पिटल द्वारा मरीजो के साथ किये गये लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं। एक ऐसा ही मामला झारखंड की राजधानी रांची के सदर अस्पताल में एक गर्भवती महिला के साथ हुई लापरवाही का समाने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना में महिला को दर्द में तड़पते हुए अस्पताल की सीढ़ियों पर बच्चा पैदा करना पड़ा, जबकि चिकित्सकीय सहायता के लिए उसके परिवार के लोग गुहार लगाते रहे।
घटना का विवरण
गुलशन खातून नाम की यह महिला रांची के काठीटांड़ से डिलीवरी के लिए सदर अस्पताल पहुंची थी। दर्द से कराहती गुलशन को देखकर एक महिला डॉक्टर ने उसका चेकअप किया और डिलीवरी में संभावित कॉम्प्लिकेशन का हवाला देते हुए उसे रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) रेफर कर दिया। हालांकि, एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण गुलशन के परिवार ने मदद मांगी, लेकिन उन्हें कहा गया कि एंबुलेंस मिलने में समय लगेगा।
चिकित्सीय सहायता का अभाव
महिला के परिजनों ने अस्पताल में चिकित्सकीय सहायता की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली। दर्द से तड़पती गुलशन को अपनी स्थिति का सामना करना पड़ा और अंततः अस्पताल की सीढ़ियों पर ही उसने एक बच्ची को जन्म दिया। यह स्थिति गंभीर लापरवाही का प्रतीक है, जिसने अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रांची डीसी का संज्ञान
इस घटना के बाद रांची के उपायुक्त ने इस संवेदनहीनता का संज्ञान लिया है और मामले की जांच के लिए एक जांच टीम का गठन किया है। डिप्टी कमिश्नर ने कहा, यह घटना पूरी तरह अस्वीकार्य है। हम मामले की जांच कराएंगे और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल
11 अक्टूबर को हुई इस घटना ने अस्पताल के चिकित्सकीय प्रबंधन और एंबुलेंस की उपलब्धता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जहां एक तरफ स्वास्थ्य सेवाओं को समय पर और प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराना आवश्यक है, वहीं इस मामले ने यह भी दर्शाया कि कई बार जमीनी स्तर पर सुविधाएं पर्याप्त नहीं होती हैं।
गुलशन के जन्म के तुरंत बाद उसे अस्पताल में चिकित्सा सहायता प्रदान की गई, और उसे बाद में भर्ती किया गया। महिला और नवजात बच्ची दोनों सुरक्षित हैं और महिला को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
