देश के जाने-माने उद्योगपति और टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा का बीती रात निधन हो गया है। उन्होंने बुधवार रात (9 अक्टूबर) को इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली है। वह 86 साल के थे, रतन टाटा को सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद उन्होंने खुद को एकदम ठीक बताया था, अब अचानक उनका निधन हो गया है। ऐसे में आइए आपको बताते हैं कि रतन टाटा किस बीमारी से जूझ रहे थे।
दो दिन पहले गए थे अस्पताल
रतन टाटा को 7 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, इसकी वजह उम्र से जुड़ी बीमारियों को बताया गया था।इसके अलावा जानकारी मिली थी कि उनका ब्लड प्रेशर अचानक बहुत कम हो गया था हालांकि, उनके आधिकारिक एक्स हैंडल से बताया गया था कि वह नॉर्मल हेल्थ चेकअप के लिए अस्पताल गए हैं।

खुद दी थी अपनी हेल्थ अपडेट
इसके बाद रतन टाटा की तबीयत बिगड़ने की खबरें काफी तेजी से फैली थीं हालांकि उन्होंने खुद के आईसीयू में भर्ती होने के दावों का खंडन किया था। उन्होंने कहा था कि – ‘मैं अपने स्वास्थ्य के बारे में हाल ही में फैल रहीं अफवाहों से अवगत हूं, मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि ये दावे निराधार हैं मैं फिलहाल अपनी उम्र और सेहत संबंधी जरूरी चिकित्सा जांच करवा रहा हूं चिंता का कोई बात नहीं है। मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं। आपसे अनुरोध करता हूं कि जनता और मीडिया गलत सूचना फैलाने से बचें।’
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इस बीमारी से जूझ रहे थे रतन टाटा
मीडियो सोर्स के अनुसार, रतन टाटा को ब्लड प्रेशर की बीमारी थी, जब उन्हें हॉस्पिटल में ए़डमिट करवाया गया था। तब उनका ब्लड प्रेशर काफी लो हो गई थी। लो बीपी के कारण ही उनकी तबीयत काफी ज्यादा बिगड़ गई थी। हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर शारुख अस्पी गोलवाला की निगरानी में उनका इलाज भी चल रहा था हालांकि उनकी हालत में कुछ खास सुधार नहीं हुआ था। बढ़ती उम्र और डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। अब तक कि मिली जानकारी के अनुसार, ब्लड प्रेशर के कारण वह हाइपोटेंशन से पीड़ित थे जिसके कारण उनके ऑर्गन फेल हो रहे थे। बुजुर्गों में अक्सर यह समस्या देखने को मिलती है. इन सब के अलावा वह डिहाइड्रेशन की परेशानी से भी गुजर रहे थे।
