जलंधर का प्रमुख मल्टी-सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल एन.एच.एस अस्पताल इस 15 अगस्त 2025 को भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक अनोखी और अत्याधुनिक वर्टिगो लैब की शुरुआत करने जा रहा है। यह जलंधर शहर की पहली विशेष वर्टिगो लैब होगी, जो चक्कर और संतुलन से जुड़ी बीमारियों की पहचान और इलाज के लिए समर्पित होगी। उद्घाटन समारोह यह शुभारंभ एन.एच.एस अस्पताल के ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा।

इस मौके पर डॉ. संदीप गोयल (डायरेक्टर और सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट), डॉ. शुभांग अग्रवाल (डायरेक्टर और सीनियर ऑर्थोपेडिक सर्जन), और डॉ. नवीन चितकारा ((डायरेक्टर और सीनियर न्यूरो सर्जन) उपस्थित रहेंगे और मिलकर इस नई सुविधा का उद्घाटन करेंगे।समारोह में अस्पताल के सभी सीनियर डॉक्टर, सलाहकार और स्टाफ भी शामिल होंगे। कार्यक्रम के अंत में लैब की सुविधाओं का परिचय, जांच उपकरणों का प्रदर्शन और मरीजों के लिए इसके लाभों पर एक प्रस्तुति दी जाएगी।

वर्टिगो के लिए विशेष इलाज की आवश्यकता
वर्टिगो यानी चक्कर आना, घूमने जैसा अनुभव या संतुलन बिगड़ना – कोई बीमारी नहीं, बल्कि कई बीमारियों का लक्षण होता है। इसका कारण कान के भीतर की समस्या, न्यूरोलॉजिकल बीमारी, सिर की चोट, या अन्य शारीरिक रोग हो सकते हैं।
अब तक जलंधर में जटिल वर्टिगो मामलों के लिए मरीजों को दूसरे शहरों में जाना पड़ता था। लेकिन इस नई लैब के शुरू होने से अब मरीजों को सही जांच और इलाज अपने ही शहर में मिल सकेगा – जिससे समय, पैसा और परेशानियों की बचत होगी।

उन्नत तकनीक और विशेषज्ञ टीम
एन.एच.एस अस्पताल की यह वर्टिगो लैब आधुनिक जांच उपकरणों से सजाया हुआ है, जो संतुलन, आंखों की हरकत, और कान की क्षमता की बारीकी से जांच कर सकते हैं। निम्नलिखित शामिल हैं:

• कंप्यूटर वाली टेस्ट मशीन, जो मरीज़ के संतुलन (बैलेंस) को अलग-अलग हालात में जांचती है।
• वीडियो मशीन, जो आंखों की अनचाही हरकत को रिकॉर्ड करती है।
• ठंडे-गर्म पानी से की जाने वाली जांच, जो यह बताती है कि कान कैसे काम कर रहे हैं।
• घूमने वाली कुर्सी वाली जांच, जो कान के अंदरूनी हिस्से की कार्यक्षमता को परखती है।
• व्यायाम करने वाले विशेष उपकरण, जो मरीज़ की तबीयत सुधारने में मदद करते हैं।

इस लैब की देखरेख डॉ. संदीप गोयल और डॉ. नवीन चितकारा करेंगे। इनके साथ ई.एन.टी विशेषज्ञ और फिजियोथेरेपिस्ट की टीम भी काम करेगी। हर मरीज को उसकी जरूरत के हिसाब से इलाज दिया जाएगा – जैसे दवाएं, एक्सरसाइज या ऑपरेशन।

वर्टिगो से आज़ादी की ओर एक कदम

15 अगस्त का दिन केवल राष्ट्रीय आज़ादी का नहीं, बल्कि वर्टिगो से छुटकारा पाने की ओर एक नई शुरुआत का दिन भी होगा।
डॉ. संदीप गोयल ने कहा: “वर्टिगो बहुत ही परेशान करने वाली समस्या हो सकती है। इस नई लैब के ज़रिए हम सही जांच और कारगर इलाज देकर मरीजों का आत्मबल और जीवन की विशेषता लौटाना चाहते हैं।”

डॉ. नवीन चितकारा ने कहा: “अब जलंधर के मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यह हमारे अस्पताल के लिए गर्व का पल है और पूरे जगह के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता है।”

विशेषता और सेवा का वादा
एन.एच.एस अस्पताल हमेशा से नई तकनीक, अनुभवी डॉक्टरों और मरीज की जरूरत को ध्यान में रखकर काम करता है। यह वर्टिगो लैब उसी सोच का एक और कदम है। यहां पर समय रहते चक्कर की जांच की जाएगी, ताकि मरीज को जल्दी से जल्दी राहत मिल सके।अस्पताल मानता है कि वर्टिगो का सही समय पर पता लगना, सही इलाज का पहला और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।एन.एच.एस अस्पताल पूरे समाज को इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण देता है। अगर आप या आपके किसी जानकार को चक्कर, घबराहट या असंतुलन जैसी समस्याएं हैं, तो यह कार्यक्रम जानकारी और इलाज का सुनहरा मौका है। कार्यक्रम में विशेषज्ञ डॉक्टरों से मिलकर आप सवाल पूछ सकते हैं और संभावित इलाज के विकल्प जान सकते हैं।

कार्यक्रम की जानकारी
• तारीख: 15 अगस्त 2025
• समय: सुबह 10:00 बजे से
• स्थान: एन.एच.एस अस्पताल ऑडिटोरियम, जलंधर
• अवसर: जलंधर की पहली वर्टिगो लैब का उद्घाटन
• मुख्य अतिथि:
• डॉ. संदीप गोयल (निदेशक एवं वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट)
• डॉ. नवीन चितकारा (निदेशक एवं वरिष्ठ न्यूरो सर्जन)
• डॉ. शुभांग अग्रवाल (डायरेक्टर और सीनियर ऑर्थोपेडिक सर्जन)

By tnm

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