गुरुवार को मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने बताया कि 2024 में 7 दिसंबर को 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान शुरू होने के बाद राज्य के 6 जिलों में टीबी के 400 से ज्यादा नए मामले सामने आए। गवर्नर का कहना है कि इस दौरान करीब एक लाख लोगों की जांच भी की गई। वहीं दूर के इलाकों में जल्द डायग्नोसिस और इलाज सुनिश्चित करने के लिए ‘निक्षय वाहन’ नामक मोबाइल वाहनों के जरिए घर-घर जाकर जांच की गई।

निक्षय मित्र

राज्यपाल ने बताया कि निक्षय मित्र पहल के चलते ऐसे लोगों और संगठनों को नॉमिनेट किया गया, जिन्होंने न्यूट्रीशनल हेल्क के जरिए टीबी के मरीजों की मदद करने का संकल्प लिया है। 44वें वर्ल्ड टीबी डे का राज्य स्तरीय आयोजन मणिपुर के राजभवन के दरबार हॉल में किया गया।

राज्यपाल का संदेश

राज्यपाल ने कहा कि इंडिया के साथ-साथ वर्ल्ड लेवल पर टीबी की बीमारी एक बड़ा चैलेंज है और उन्हें इससे गुजरने वाले व्यक्तियों, परिवारों और समुदायों पर पड़ने वाले विनाशकारी प्रभाव का पता है। आपको बता दें कि राज्यपाल ने बताया कि सरकार निर्धारित समय के अंदर टीबी उन्मूलन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हरसंभव प्रयास किए गए हैं। वहीं, उन्होंने लोगों से अपील की कि वे टीबी उन्मूलन के लिए कोशिशों को दोगुना करने का संकल्प करें, जिससे आगे की पीढ़ियां इस बीमारी से मुक्त दुनिया में रह सकें।

टीबी के लिए जागरूकता

वहीं, राज्यपाल ने कायाकल्प कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों, प्रशासकों और सहायक कर्मचारियों की सराहना भी की। साथ ही टीबी उन्मूलन पर एक लघु फिल्म और टीबी से ठीक हुए एक मरीज का विवरण भी दिखाया गया, जिसमें जल्दी पहचान और उपचार के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

उम्मीद

चिकित्सा प्रौद्योगिकी में प्रगति हुई है, जिसके चलते NAAT जैसे परीक्षण के नए और प्रभावी तरीके विकसित किए गए हैं। जो टीबी का पता लगाने में उच्च संवेदनशीलता और विशिष्टता सुनिश्चित करते हैं। वहीं, मणिपुर के राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि अगर सामुदायिक जुड़ाव और भागीदारी रहेगी तो टीबी को खत्म करने का अभियान और भी सफल होगा।

लक्षण

टीबी के लक्षणों में है- लगातार खांसी (3 हफ्ते से ज्यादा), खांसी में खून, सीने में दर्द, तेज बुखार, रात में पसीना ज्यादा आना, अचानक वजन कम होना, भूख न लगना, थकान और कमजोरी महसूस होना, सांस लेने में कठिनाई होना, गांठें या सूजन (गर्दन, बगल, या जांघ में)। अगर ऐसे में ये लक्षण लंबे समय तक हैं तो जल्दी से डॉक्टर को संपर्क करें।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

By tnm

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