नीमा जालंधर की ओर से मासिक संगोष्ठी(मीटिंग) का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का आयोजन डॉ. एस.पी डालिया की अध्यक्षता में हुआ। संगोष्ठी की शुरुआत धन्वंतरि पूजन के साथ हुई।

इसके बाद नीमा जालंधर के सेक्रेटरी डॉ. राजीव धवन ने आए हुए सभी सदस्यों का स्वागत किया। मंच का संचालन भी डॉ. राजीव धवन ने किया। मीटिंग में बोन डिजीज से जुड़े एक्सपर्ट डॉ. अंबुज सूद और चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. अनिल सूद मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल हुए। इसके बाद नीमा राष्ट्रीय शाखा के सैक्टरी जनरल डॉ. यूएस पांडे जी की आकस्मिक मृत्यु पर भी शोक व्यक्त किया गया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
डॉ. अनिल सूद और डॉ. अंबूज सूद ने दी अहम जानकारी
डॉ. अनिल सूद ने बच्चों को होने वाली बीमारियों के बारे में खास जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बदलते हुए मौसम के साथ बच्चों का खास ध्यान रखना चाहिए। फिर डॉ. अंबुज ने घुटनों की बीमारी ऑस्टियोअर्थराइटिस के अलग-अलग प्रकार के बारे में और उसके नई टैक्नोलॉजी और उपचार के बारे में विस्तार में बताया। उन्होंने बताया कि ऑस्टियोअर्थराइटिस स्त्रियों और पुरुषों दोनों को होता है लेकिन स्त्रियों को इसका ज्यादा खतरा होता है। इसके अलावा दोनों एक्सपर्ट डॉक्टर्स ने नीमा के सदस्यों के प्रश्नों का जवाब भी दिया।

रक्तदान पर दी जानकारी
इसके बाद पंजाब नीमा के उपाध्यक्ष डॉ. अमरजीत सैनी ने नीमा सदस्यों को तारीख को नीमा और लांयस क्लब के सहयोग से 23 मार्च को सरदार भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस के अवसर पर आयोजित रक्तदान कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी और सारे सदस्यों को ज्यादा से ज्यादा लोगों को आने के लिए और रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि रक्तदान समाज सेवा के साथ-साथ शरीर में होने वाली कई तरह की भयंकर बीमारियों से होने से भी रोकता है।

फिर इसके बाद आए हुए मुख्य वक्ताओं को स्मृति चिन्ह देकर भी सम्मानित किया गया। संगोष्ठी के अंत में डॉ. एस.पी डालिया ने सभी नीमा और नए सदस्यों का धन्यवाद किया।
ये डॉक्टर्स रहे मौजूद
इस संगोष्ठी में अनिल नागरथ, डॉ. के.एस राना, डॉ. विपुल कक्कड़, डॉ. संजय बग्गा, डॉ. वरुण, डॉ. चरणजीत, डॉ. सेठी, डॉ. सुनीता नागरथ, डॉ. दिनेश जग्गी, डॉ. रुपिंदर सैनी, डॉ. मोनिका, डॉ. दिव्या, डॉ. वनीता समेत कई डॉक्टर्स मौजूद रहें।

