केंद्र सरकार ने पंजाब को बर्ड फ्लू के खतरे के मद्देनजर अलर्ट जारी किया है। यह कदम तब उठाया गया है जब देश में बर्ड फ्लू के मामलों में वृद्धि देखने को मिली है। सरकार ने इस संदर्भ में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय को सतर्क रहने की सलाह दी है और पोल्ट्री फार्म से जुड़ी सभी गतिविधियों में बायोसेफ्टी के नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चिकन खाने के शौकीनों को भी सचेत रहने के लिए कहा गया है।
पोल्ट्री फार्मों में बायोसेफ्टी नियमों का पालन जरूरी
केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पंजाब में पोल्ट्री फार्मों में बायोसेफ्टी से संबंधित नियमों का पालन किया जाना चाहिए। यह कदम बर्ड फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए उठाया गया है। बर्ड फ्लू, या एवियन इंफ्लूएंजा, एक संक्रामक रोग है जो पक्षियों को प्रभावित करता है और यदि मनुष्यों तक पहुंच जाए तो यह गंभीर हो सकता है।
इस बीमारी से निपटने के लिए केंद्र ने राज्य सरकारों को सख्त कदम उठाने की सलाह दी है। विशेष रूप से, पोल्ट्री फार्मों में संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए उचित सफाई और सुरक्षा उपायों की जरूरत है।
राज्य सरकारों को अलर्ट किया गया
बर्ड फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने जनवरी महीने में महाराष्ट्र में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद रांची, तेलंगाना, झारखंड और बिहार जैसे राज्यों को भी अलर्ट जारी किया था। इसके अलावा इन राज्यों को एवियन इंफ्लूएंजा से निपटने के लिए नेशनल एक्शन प्लान का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए थे।
क्विक रिस्पांस टीमों का गठन और वैटर्नरी लैबों की संख्या बढ़ाने के निर्देश
केंद्र सरकार ने अब इस मामले में त्वरित कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पांस टीमों को सक्रिय करने और वैटर्नरी लैबों की संख्या बढ़ाने के लिए निर्देश जारी किए हैं। ये कदम बर्ड फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए उठाए गए हैं। टीमों को हर राज्य में तैनात किया जाएगा ताकि संक्रमण की स्थिति का तुरंत पता चल सके और उसे नियंत्रित किया जा सके।
चिकन का सेवन न करें जब तक सुरक्षा जांच पूरी न हो
डेयरी मंत्रालय की सचिव अलका उपाध्याय ने कहा कि एवियन इंफ्लूएंजा वायरस भारत में फैल चुका है। संक्रमित चिकन का सेवन करने से लोग वायरस से संक्रमित हो सकते हैं, इसलिये सरकार ने लोगों को चिकन के सेवन से बचने की सलाह दी है। यह वायरस संक्रमित पक्षियों के शरीर से बाहर निकलता है और उनके संपर्क में आने से यह इंसानों तक पहुंच सकता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
