मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से भारत में घरेलू बिल्लियों में एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस (H5N1) के पहले मामले सामने आए हैं, जो एक गंभीर चिंता का कारण बन गया है। इस वायरस ने बर्ड फ्लू के पैथोजेंस के म्यूटेट होने की आशंका को जन्म दिया है और यह चिंता बढ़ा दी है कि कहीं इंसान भी इस वायरस से संक्रमित न हो जाएं। छिंदवाड़ा में इस वायरस का संक्रमण पालतू बिल्लियों में पाया गया है, जो पहले पक्षियों में ही देखा जाता था।

वायरस के म्यूटेशन ने बढ़ाई चिंता

टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट के अनुसार, एक वैज्ञानिक ने कहा, H5N1 एक क्लासिक एवियन वायरस है, लेकिन कुछ म्यूटेशन इसे स्तनधारी मेज़बानों में दोहराने की इजाजत देते हैं। इसका मतलब यह है कि यह वायरस अब अन्य प्रजातियों, जैसे कि बिल्लियों और इंसानों को भी संक्रमित करने की क्षमता रखता है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह वायरस कोविड-19 जैसे महामारी को जन्म देने की क्षमता रखता है, जिससे इसका खतरा और बढ़ जाता है।

मध्य प्रदेश में दस्तक देने वाला यह नया खतरा

आईसीएआर-एनआईएचएसएडी (ICAR-NIHSAD) और केंद्र सरकार के पशुपालन विभाग के वैज्ञानिकों ने इस वायरस के संक्रमण को जनवरी में छिंदवाड़ा में डॉक्यूमेंट किया है। इस इलाके की सीमा नागपुर से लगती है, जहां पिछले दिसंबर में कई बड़ी बिल्लियों की मौत बर्ड फ्लू के कारण हुई थी। यह वायरस H5N1 का एक वेरिएंट है, जिसका नाम 2.3.2.1a वंश रखा गया है, और यह पूरे भारत में मुर्गी पालन में प्रकोप का कारण बन चुका है।

इंसानों के लिए खतरे की संभावना

वायरस के संक्रमण से प्रभावित सभी बिल्लियाँ तेज बुखार, भूख न लगना और सुस्ती जैसे लक्षण दिखाने के बाद कुछ ही दिनों में मृत पाई गईं। वैज्ञानिकों ने इस वायरस में 27 म्यूटेशन की पहचान की है, जिससे यह और भी खतरनाक साबित हो सकता है। अब, वैज्ञानिकों ने घरेलू मुर्गी पालन, जंगली पक्षियों और पालतू जानवरों के साथ-साथ इंसानों में भी वायरस की निगरानी बढ़ाने की सिफारिश की है, क्योंकि वायरस प्रजातियों के बीच संक्रमण फैलाने की क्षमता रखता है।

निगरानी और एहतियाती कदम

इस नए खतरे को देखते हुए, विशेष रूप से घरेलू बिल्लियों और अन्य पालतू जानवरों की निगरानी बढ़ा दी गई है। इस वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा कदम उठाए जा रहे हैं। बर्ड फ्लू के खतरे से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाना आवश्यक हो गया है, ताकि इंसानों को इससे संक्रमित होने से रोका जा सके।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

By tnm

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