आपने अक्सर सुना होगा कि कोई बच्चा तीन हाथ या चार पैर के साथ पैदा होता है। यह एक दुर्लभ स्थिति है, जिसे मेडिकल साइंस में पैरासिटिक ट्विन कहा जाता है। यह जेनेटिक विकार होता है और दुनिया भर में केवल 10 लाख में से एक बच्चे में यह स्थिति पाई जाती है। हाल ही में दिल्ली के एम्स अस्पताल में एक ऐसे ही 17 वर्षीय लड़के की सर्जरी की गई, जिसने चार पैरों के साथ जन्म लिया था। उसकी सर्जरी सफल रही, जिससे उसे सामान्य जीवन की शुरुआत मिली है।

चार पैरों के साथ जन्मा लड़का

यह लड़का जन्म से ही चार पैरों के साथ पैदा हुआ था। इनमें से दो पैर अविकसित जुड़वां भाई के अंग थे। इन अतिरिक्त पैरों में उसे स्पर्श, दर्द और तापमान का अहसास होता था, जिससे उसे कई मानसिक और शारीरिक समस्याएं हो रही थीं। हालांकि उसकी आंत और मूत्राशय सामान्य रूप से काम कर रहे थे, लेकिन पेट से जुड़े दो अतिरिक्त पैर उसके लिए काफी सामाजिक और मानसिक चुनौतियों का कारण बने थे। इस वजह से उसने अपना अधिकांश बचपन अकेले बिताया और समाज से कटकर रहा।

एम्स में सर्जरी का निर्णय

लड़के के परिजनों को एक रिश्तेदार ने एम्स जाने की सलाह दी, जहां डॉक्टरों की एक टीम ने उसके शरीर की पूरी जांच की। सीटी स्कैन में यह पाया गया कि लड़के के पेट में एक बड़ा सिस्टिक मास था। इसके बाद डॉक्टरों ने मिलकर उसकी सर्जरी के लिए योजना बनाई। यह सर्जरी दो चरणों में की गई। पहले चरण में अतिरिक्त पैर और पेट से जुड़े मांस को हटा दिया गया, जबकि दूसरे चरण में अन्य सुधारात्मक प्रक्रियाएं की गईं।

सर्जरी के बाद की स्थिति

सर्जरी के तुरंत बाद लड़के की स्थिति में तेजी से सुधार देखा गया। ऑपरेशन के पहले दिन से ही उसने खाना शुरू कर दिया, और तीसरे दिन उसकी नली हटा दी गई। चौथे दिन उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, और अब वह सामान्य जीवन की ओर बढ़ रहा है।

सर्जरी में शामिल डॉक्टरों की टीम

यह सफल सर्जरी एम्स की कई विशेषज्ञों की टीम द्वारा की गई। ऑपरेटिंग सर्जन डॉ. असुरी कृष्णा के नेतृत्व में डॉ. वीके बंसल, डॉ. सुशांत सोरेन, डॉ. ब्रिजेश कुमार सिंह, और डॉ. अभिनव कुमार ने सर्जरी में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. मनीष सिंघल और डॉ. शशांक, एनेस्थेसिया टीम के डॉ. गंगा प्रसाद और डॉ. राकेश, और रेडियोलॉजी विभाग के डॉ. अतिन और डॉ. अंकिता भी इस सर्जरी में शामिल थे।

पैरासिटिक ट्विन क्या है

पैरासिटिक ट्विन या कोंडोइंड ट्विन एक ऐसी स्थिति है, जिसमें गर्भावस्था के दौरान जुड़वा भ्रूणों के विकास में असामान्यता होती है। एक भ्रूण पूरी तरह से विकसित होता है, जबकि दूसरा अधूरा रह जाता है और पहले वाले भ्रूण के शरीर से जुड़ा रहता है। इस स्थिति के कारण बच्चे के शरीर में अतिरिक्त अंग विकसित हो सकते हैं, जैसे कि चार पैर या तीन हाथ। यह स्थिति बहुत ही दुर्लभ है और इसकी चिकित्सा प्रक्रिया भी बहुत जटिल होती है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

 

By tnm

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