उत्तराखंड के रुड़की स्थित गाढ़ारोणा गांव इन दिनों हेपेटाइटिस-सी के मामलों के कारण सुर्खियों में है। इस गांव में काला पीलिया के नाम से जानी जाने वाली बीमारी के मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने गांव में स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए एक दो दिवसीय चिकित्सा शिविर आयोजित किया, जिसमें 75 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए और 54 मरीजों में हेपेटाइटिस-सी की पुष्टि हुई।
गांव में बढ़ते हेपेटाइटिस-सी के मामले
गाढ़ारोणा गांव की लगभग 4,000 की आबादी में हल्का बुखार, भूख न लगना और थकान जैसे लक्षण देखे गए। शुरू में मरीजों ने स्थानीय झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराया, लेकिन जब लक्षणों में सुधार नहीं हुआ, तो अस्पताल में जांच के बाद हेपेटाइटिस-सी की पुष्टि हुई। पिछले तीन महीनों में इस बीमारी के लक्षण 470 से अधिक लोगों में पाए गए हैं, जिनमें से गाढ़ारोणा गांव में 45 मामले सामने आए हैं।
हेपेटाइटिस-सी क्या है?
हेपेटाइटिस-सी एक वायरल संक्रमण है, जो लीवर में सूजन पैदा करता है और उसे गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। यह संक्रमण हेपेटाइटिस-सी वायरस (HCV) के संपर्क में आने से फैलता है, खासकर संक्रमित खून के संपर्क में आने पर। हेपेटाइटिस-सी के दो प्रमुख प्रकार होते हैं:
एक्यूट हेपेटाइटिस-सी
यह अल्पकालिक संक्रमण है, जो छह महीने तक रह सकता है। अधिकतर मामलों में शरीर खुद वायरस को समाप्त कर देता है, लेकिन कुछ मामलों में यह क्रॉनिक हेपेटाइटिस-सी में बदल सकता है।
क्रॉनिक हेपेटाइटिस-सी
यह तब होता है जब वायरस लंबे समय तक शरीर में रहता है और लिवर को लगातार नुकसान पहुंचाता है। इससे लीवर सिरोसिस जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।
हेपेटाइटिस-सी के फैलने के कारण
हेपेटाइटिस-सी मुख्य रूप से संक्रमित रक्त के संपर्क में आने से फैलता है। इसके कुछ सामान्य कारण हैं:
संक्रमित सुई का उपयोग
रक्त चढ़ाने के दौरान संक्रमित खून का उपयोग
लंबे समय तक डायलिसिस कराने वाले मरीजों को संक्रमण का खतरा अधिक रहता है
संक्रमित चिकित्सा उपकरणों का उपयोग
असुरक्षित यौन संबंध
हेपेटाइटिस-सी के लक्षण
हेपेटाइटिस-सी के शुरुआती लक्षण अक्सर नजर नहीं आते, लेकिन जैसे-जैसे संक्रमण बढ़ता है, कुछ सामान्य लक्षण दिखाई देने लगते हैं:
पेट दर्द और अपच
थकान और कमजोरी
तेज बुखार और बदन दर्द
भूख में कमी
उल्टी और मतली
पीलिया (त्वचा और आंखों का पीला पड़ना)
त्वचा पर मकड़ी जैसे ब्लड वेसल्स
निष्कर्ष
हेपेटाइटिस-सी एक गंभीर और संक्रामक लिवर संक्रमण है, जो समय पर इलाज न मिलने पर लीवर फाइब्रोसिस और सिरोसिस जैसी गंभीर स्थितियों में बदल सकता है। इसका जल्दी पहचानना और उपचार करना जरूरी है। इस बीमारी से बचाव के लिए स्वच्छता और सतर्कता बरतना बेहद महत्वपूर्ण है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
