किसिंग डिजीज एक संक्रमण है, जिसे मेडिकल भाषा में इंफेक्शियस मोनोन्यूक्लियोसिस या ग्लैंड्यूलर फीवर कहा जाता है। यह बीमारी एपस्टीन-बार वायरस (EBV) के कारण होती है, जो लार के माध्यम से फैलता है। जब कोई व्यक्ति संक्रमित लार के संपर्क में आता है, तो यह वायरस शरीर में फैल जाता है। विशेष रूप से चुंबन (किस) के दौरान यह वायरस फैल सकता है, इसलिए इसे किसिंग डिजीज कहा जाता है। हालांकि, यह वायरस अन्य तरीकों से भी फैल सकता है, जैसे एक ही स्ट्रॉ या चम्मच का इस्तेमाल करना।
वायरस कैसे फैलता है
एपस्टीन-बार वायरस (EBV) मुख्य रूप से युवाओं और किशोरों को प्रभावित करता है। छोटे बच्चों में इस संक्रमण के लक्षण कम होते हैं, जबकि बुजुर्गों में यह कम होता है। यह वायरस ब्लड ट्रांसमिशन, सेक्शुअल कॉन्टैक्ट, खांसने और छींकने से फैल सकता है। सबसे आम तरीका है संक्रमित व्यक्ति की लार से संपर्क, जैसे चुंबन के दौरान।
किसे है ज्यादा खतरा
किसिंग डिजीज का खतरा विशेष रूप से किशोरों और छोटे बच्चों में अधिक होता है। हालांकि, यह फ्लू या कोल्ड की तरह तेजी से नहीं फैलता और न ही यह यौन संचारित संक्रमण (STI) है। मुख्य रूप से यह वायरस संक्रमित लार के संपर्क से फैलता है। इस बीमारी में संक्रमित व्यक्ति को कई दिनों तक आराम की जरूरत होती है, और इलाज के लिए आमतौर पर सपोर्टिव ट्रीटमेंट दिया जाता है।
क्या है बचाव
किसिंग डिजीज का कोई खास इलाज नहीं है क्योंकि यह एक वायरल संक्रमण है, और एंटीबायोटिक्स इससे प्रभावित नहीं होतीं। इस बीमारी का इलाज सपोर्टिव ट्रीटमेंट से किया जाता है, जो सामान्यत: 1 महीने के अंदर ठीक हो जाता है। डॉ. अनुराग के अनुसार, इस बीमारी से बचाव के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। हालांकि, कुछ सामान्य सावधानियां बरतकर इसे रोका जा सकता है।
बचाव के उपाय
ओरल और हाइजीन का ध्यान रखें: संक्रमित व्यक्ति के साथ लार का संपर्क न करें।
साझा बर्तन का इस्तेमाल न करें: किसी संक्रमित व्यक्ति के बर्तन या गिलास का इस्तेमाल न करें।
खाना-पीना शेयर न करें: किसी अन्य का खाने-पीने का सामान न लें।
गले में दर्द हो तो विश्राम करें: गले में दर्द हो तो बोलने से बचें और गुनगुने पानी से गरारे करें।
लक्षण दिखें तो आराम करें: थकान, बुखार या गले में दर्द के लक्षण दिखें तो आराम करें और डॉक्टर से संपर्क करें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
