ब्रेस्ट कैंसर का खौफ आमतौर पर महिलाओं में ज्यादा देखा जाता है, लेकिन यह बीमारी पुरुषों में भी हो सकती है, हालांकि इसके मामलों की संख्या महिलाओं के मुकाबले कम है। पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के बारे में जागरूकता कम है, और यह बीमारी अक्सर देर से पहचान में आती है। एक स्टडी के अनुसार भले ही पुरुषों में स्तन कैंसर होने की संभावना कम हो, लेकिन इस बीमारी से मौत का खतरा ज्यादा रहता है।
पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा ज्यादा
जर्मनी के बवेरियन स्टेट ऑफिस फॉर हेल्थ एंड फूड सेफ्टी (LGL) के अनुसार कैंसर के डायग्नोसिस के 5 साल बाद लगभग 80.4% महिलाएं और 69.6% पुरुष अभी भी जीवित रहते हैं। हालांकि पुरुषों में कैंसर का डायग्नोसिस ज्यादातर अधिक एडवांस्ड स्टेज पर होता है, और उनका इलाज महिलाओं की तुलना में कम किया जाता है, जिससे मृत्यु दर बढ़ जाती है।
कैंसर के आंकड़े और रिसर्च
2020 में जर्मनी में 70,550 महिलाओं और 740 पुरुषों को ब्रेस्ट कैंसर का नया डायग्नोसिस हुआ। हांगकांग में 2021 में महिलाओं में 5,565 नए मामले सामने आए, जबकि पुरुषों में 27 मामले थे। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना 13.2% होती है, जबकि पुरुषों में यह दर केवल 0.1% है।
ब्रेस्ट कैंसर के स्टेज और इलाज
एलजीएल के अनुसार पुरुषों में डायग्नोसिस के वक्त ट्यूमर का स्टेज ज्यादा एडवांस्ड होता है और उनका इलाज भी कम बार किया जाता है। हालांकि अगर इलाज सही तरीके से किया जाए तो पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का इलाज महिलाओं की तरह सकारात्मक असर डालता है। एक स्टडी के मुताबिक जर्मनी में 2,500 पुरुषों और 307,600 महिलाओं पर रिसर्च की गई, जिसमें ब्रेस्ट कैंसर का इलाज किया गया था।
पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के कारण
मेल ब्रेस्ट कैंसर ग्लोबल एलायंस के मुताबिक, पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क फैक्टर्स में शामिल हैं:
ब्रेस्ट या चेस्ट पर रेडिएशन थेरेपी से इलाज
उच्च एस्ट्रोजन स्तर से जुड़ी बीमारियां जैसे लिवर डिजीज
महिला रिश्तेदारों का ब्रेस्ट कैंसर से प्रभावित होना
BRCA2 जैसे जीन में म्यूटेशन्स
ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों पर ध्यान दें
पुरुषों और महिलाओं दोनों को सलाह दी जाती है कि वे अपने ब्रेस्ट में गांठ या निप्पल में किसी भी बदलाव को नजरअंदाज न करें। यह लक्षण ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं, जिन्हें पहचानकर इलाज समय पर करवाया जा सकता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
